कानपुर देहात के अस्पताल में इलाज कराते हुए बच्चे
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कानपुर देहात शिवली कोतवाली के चम्पतपुर गांव में बुधवार को आयोजित भगवत पूजा के बाद हुए भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे के बाद गांव में महामारी फ़ैल गयी और इस महामारी से 40 बच्चे बीमार पड़ गए। इतनी बड़ी संख्या में बच्चों के बीमार पड़ जाने से पूरे गांव में हाहाकार मच गया है।
गांव वालो ने बताया की उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में इस महामारी की जानकारी दी लेकिन बावजूद इसके वहां से किसी प्रकार की कोई सहायता नहीं मिली।सभी बच्चो को परिजन अस्पताल लेकर पहुंचे।
सभी बच्चों को सीएचसी में भर्ती कराया गया। यहां 2 बच्चों की इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया की गंभीर रूप से बीमार मरीजों को जिला अस्पताल भेजा दिया गया है। कुछ मरीजों की हालत में सुधार को देखते हुए उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।
अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार यह महामारी भंडारे में बचे बासी खाना खाने से हुई है। डॉक्टर का मानना है पूरे गांव में डायरिया फैल गया जिसने महामारी का रूप धारण कर लिया है। मामला बड़ा होने के वजह से सीएमओ कानपुर देहात शिवली के लिए रवाना हो चुके हैं।
फूड प्वाइजनिग का मामला डीएम को बताया
कानपुर देहात मैथा तहसील के चम्पतपुर मे फैली बीमारी के मामले मे सीएमओ ने फूड प्वाइजनिग का मामला डीएम को बताया था जिसके क्रम मे फूड विभाग की टीम ने गांव मे पहुंच बारीकी से जांच पडताल की जिसमें कोई भी बिन्दु फूड प्वाईजनिग से जडा नही मिला सबसे अहम बात तो यह थी
भण्डारा तो बीते दिवसो मे था फूड प्वाईजनिग खाना खाने के लगभग 10 घण्टे के अन्तराल मे होता है।
कुल मिला कर गांव मे फैली बीमारी के कारण ही मौते हुई और अभी भी लोग जिन्दगी व मौत से जूझ रहे है। फूड विभाग ने डीएम को जांच रिपोर्ट सौपी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही भी उजागर हुई। डीएम से कठोर कार्यवाही के लिए क्षेत्रीजनों ने बात कही।