इटावा। अवसाद में सिविल लाइन थाने में तैनात एसआई ने साथी दरोगा की सर्विस रिवाल्वर को कनपटी पर रखकर खुद को गोली मार ली। परिजन उसे जिला अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर डीएम-एसएसपी आदि जिला अस्पताल पहुंचे और पत्नी से घटना के बाबत जानकारी ली।
सत्येंद्र वर्मा (37) मूलरूप से हरदोई के गांव पचकोहरा के रहने वाले थे। वह 2018 से इटावा में एसआई के पद पर तैनात थे। 11 मार्च 2024 को ही सिविल लाइन थाने में उन्हें तैनाती मिली थी। वह शहर की वृंदावन कॉलोनी स्थित एक मकान में किराये पर अपने दो साथी दरोगा अंकित पटेल और अरिमर्दन सिंह के साथ रह रहे थे। 10 दिन पहले पत्नी और बच्चों के आने पर वह इसी मकान की पहली मंजिल पर अलग रहने लगे थे। जबकि साथी भूतल पर रह रहे थे।
दरोगा अंकित पटेल चौबिया थाने में और अनिमर्दन सिंह सिविल लाइन में तैनात हैं। सत्येंद्र और अंकित की ड्यूटी नाइट शिफ्ट में चल रही थी। बताते हैं कि सत्येंद्र खाना खाने के बाद रविवार शाम करीब सात बजे भूतल पर साथी अंकित के पास बैठने चले गए। दोनों बातचीत कर रहे थे कि इसी बीच अंकित पेशाब करने चले गए और सत्येंद्र ने अंकित की सरकारी रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली। गोली चलने की आवाज सुनकर अंकित और परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें जिला अस्पताल ले गए। यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर डीएम अवनीश राय, एसएसपी संजय कुमार वर्मा, एसपी सिटी अभय नाथ त्रिपाठी पुलिस बल के साथ पहुंच गए। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। फोरेंसिक टीम व अधिकारी जांच में जुटे हैं।
सतेंद्र सिविल लाइन थाने में तैनात थे। उन्होंने साथ रह रहे एक दरोगा की सर्विस रिवाल्वर से खुद को गोली मार ली है। इससे उनकी मौत हुई है। जांच कराई जा रही है। प्रथम दृष्टया उनके अवसाद में होने की बात बताई जा रही है। अवसाद में क्यों थे यह परिजन अभी स्पष्ट नहीं बता पा रहे हैं।
- संजय कुमार वर्मा, एसएसपी