चोरी के अगले दिन मैनेजर ने बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तब बताया था कि खुद को इटावा निवासी सीआरपीएफ कर्मी बताकर एक शख्स पॉलिसी कराने के बहाने 12 जुलाई को उनके घर आया था। देर होने की बात कहकर घर में ही रुक गया था। सुबह जब उठे तो नकदी और गहने गायब थे। पुलिस के गले से यह बात उतरी नहीं कि किसी अनजान व्यक्ति को कोई अपने घर में कैसे रोक सकता है। इसी के चलते गिरफ्तारी के बाद जब आरोपी से पूछताछ की तो पूरा सच सामने आ गया।
बातों से रिझाया, आने के पहले ही जुटा ली थी पूरी जानकारी
आरोपी ने बताया कि उसने प्यारी-प्यारी बातें कर मैनेजर को अपनी रिझा लिया। चैटिंग का सिलसिला बढ़ा तो मैनेजर से उनके काम, परिवार के सदस्यों के बारे में पूरी जानकारी जुटा ली। मैनेजर ने बताया था कि वह और पत्नी यहां रहते हैं और बेटा बाहर है। एक दिन मैनेजर ने होटल में मिलने की इच्छा जताई, तो वहां लगे कैमरों का डर दिखाकर घर में ही आने को कहा।
नगदी और ज्वेलरी समेटकर निकल गया
इस पर मैनेजर तैयार हो गए। उनकी पत्नी जब मायके गई तो उन्होंने घर बुला लिया। आरोपी ने बताया कि नौबस्ता बाईपास होते हुए वह घर पहुंचा। उस समय मैनेजर घर पर अकेले थे और उन्होंने ही गेट खोला था। रात को बातचीत के दौरान उन्हें अपने हाथों से चॉकलेट खिलाई। बेहोश होते ही नगदी और ज्वेलरी समेटकर निकल गया।
उम्मीद थी कि बेइज्जती के डर से रिपोर्ट नहीं दर्ज कराएंगे
आरोपी सनी ने बताया कि उसे उम्मीद थी कि बेइज्जती के डर से मैनेजर चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराएंगे, लेकिन अगले दिन उन्होंने बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी। इसके बाद पुलिस ने उनके घर में लगे कैमरों के फुटेज निकाले। इसके आधार पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पीड़ित ने पहले गे डेटिंग जैसे एप का जिक्र नहीं किया था। विवेचना में यह बात सामने आने पर जांच की जाएगी। देखा जाएगा कि आरोपियों ने इससे पहले तो नहीं किसी और को शिकार बनाया है। -रविन्द्र कुमार, डीसीपी साउथ