वहीं, जगन्नाथ मंदिर की प्राचीनता के पुख्ता प्रमाण तो नहीं मिलता है। बौद्ध मठ जैसे आकार वाले मंदिर की दीवारें लगभग 14 फीट मोटी हैं। मंदिर के अंदर भगवान जगन्नाथ बलदाऊ और बहन सुभद्रा की काले चिकने पत्थरों की मूर्तियां है। पुरातत्व विभाग के मुताबिक मंदिर का जीर्णोद्धार 11वीं शताब्दी के आसपास होने के संकेत मिलते हैं।