रूरा। कस्बे में आरओबी निर्माण की सीमा में आ रही भूमिगत पेयजल पाइप लाइन शिफ्ट कराने में खेल कर दिया गया। पाइप लाइन जस की तस है। लेकिन ठेकेदार को छह लाख रुपये का भुगतान कर दिया गया। निकाय कार्यालय में मेजरमेंट बुक और पेयजल पाइप लाइन शिफ्ट कराने का ब्योरा तक उपलब्ध नहीं है।
आरओबी निर्माण की सीमा क्षेत्र में आने वाली भूमिगत पाइप लाइनों को शिफ्ट कराने के लिए नगर पंचायत प्रशासन की ओर से 40.44 लाख रुपये की क्षति पूरक राशि सेतु निगम से मांगी गई थी। सेतु निगम ने प्रारंभिक किस्त में 10 लाख रुपये निकाय को दिए थे। इसमें छह लाख रुपये लाइन शिफ्ट कराने के नाम पर ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। हालांकि पाइप लाइन किस जगह शिफ्ट हुई इसका ब्योरा निकाय कार्यालय में उपलब्ध नहीं है। जबकि जेई की मेजरमेंट बुक भी नहीं मिल रही है। निकाय प्रशासन पूर्व में कराए गए कार्याें का ब्योरा सेतु निगम को उपलब्ध नहीं करा पा रहा है इसकी वजह से सेतु निगम की ओर से शेष 30 लाख रुपये की धनराशि रोकी गई है। ऐसे में भूमिगत पाइप लाइन शिफ्ट करने काम रुका है। जानकारों के अनुसार वर्ष 2019 में नगर पंचायत ने पाइप लाइन व नालों की क्षति पूरक राशि 40.44 लाख रुपये मांगी थी। सेतु निगम ने 3 फरवरी 2020 को 10 लाख रुपये भुगतान कर दिया था। इसमें से छह लाख रुपये निकाय की ओर से व्यय कर दिए गए ,लेकिन अभिलेखीय विवरण उपलब्ध न कराने पर सेतु निगम ने शेष 30 लाख रुपये जारी नहीं किए हैं। नगर पंचायत अध्यक्ष रामजी गुप्ता ने बताया कि पेयजल पाइप लाइन शिफ्ट कराने में 6 लाख रुपये ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया। लेकिन जेई की मेजरमेंट बुक व अन्य ब्योरा उपलब्ध नहीं है। इससे पाइप लाइन शिफ्ट कराने में खेल की आशंका है। शेष 30 लाख रुपये भुगतान के लिए सेतु निगम को पत्र भेजा गया है। लेकिन वह पूर्व में दी गई धनराशि व्यय का अभिलेखीय ब्योरा मांग रहे हैं। इसको लेकर अड़चन बनी है। सेतु निगम के एई होतीलाल ने बताया कि पूर्व में दिए गए 10 लाख रुपये के व्यय का लेखा जोखा नगर पंचायत प्रशासन ने नहीं दिया है। ब्योरा मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया होगी।
पाइप लाइन क्षतिग्रस्त, टोंटी से निकल रहा दूषित पानी
रूरा। कस्बे में पाइप लाइन आठ स्थानों पर क्षतिग्रस्त है। इसकी वजह से घरों में टोंटी से दूषित पानी निकल रहा है। कस्बे में करीब 2 हजार घरों में पेयजल कनेक्शन हैं। हालांकि पाइप लाइन जर्जर है। आरओबी निर्माण में की गई खोदाई में कई जगह की पाइप लाइन टूट गई हैं। इनकी मरम्मत कराई गई लेकिन निकाय के पास प्रशिक्षित कर्मी नहीं हैं। ऐसे में लीकेज पूरी तरह से ठीक नहीं हो सके हैं। इधर पाइप लाइन शिफ्ट कराने में हुए खेल की वजह से जर्जर पाइप लाइन के भरोसे आपूर्ति से घरों में दूषित पानी पहुंच रहा है।
जानकारों ने बताया कि रेलवे क्रासिंग से टीलू शर्मा की दुकान तक व सर्विस लेन के दोनों ओर बाबू सिंह के मकान तक पाइप लाइन शिफ्ट कराने का भुगतान पूर्व में ठेकेदार को किया जा चुका है। लेकिन सर्विस लेन के एक तरफ की पाइप लाइन पूरी तरह से ध्वस्त है। जबकि दूसरे तरफ की पाइप लाइन में करीब आठ माह से लीकेज हैं। इससे करीब एक हजार घरों में दूषित पानी आ रहा है। चेयरमैन रामजी गुप्ता ने बताया कि पाइप लाइन को शिफ्ट कराने के लिए शेष 30 लाख रुपये की मांग सेतु निगम से की गई है। धनराशि मिलने पर क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को बदला जाएगा। संवाद