निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है
गुणवत्ता परखने के लिए जेसीबी से एक फीट का गड्ढा खोदवाया। डामर-गिट्टी (बिटुमिन) की मोटाई, नीचे डाले गए बोल्डर और कंक्रीट की मोटाई को भी जांचा। इसके बाद वह फिर उस स्थान पर पहुंचे जहां पर गड्ढे में पानी भरवाया था। पानी सड़क से बाहर न होने पर 500 लीटर के टैंकर का पूरा पानी सड़क पर गिरवाया। काफी मात्रा में पानी सड़क पर रुक गया। दीपांकर ने कहा कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई है। निर्माण एजेंसी के कार्य की निगरानी की गई होती तो ऐसा नहीं होता।
ग्रीन फील्ड एरिया में सुधार की जरूरत
आलोक दीपांकर ने एनएचएआई और पीएनसी के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एक्सप्रेसवे की जांच के लिए अधिकृत किए गए आईआईटी खड़गपुर के प्रोफेसर कुमार सुधार रेड्डी, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी गौतम विशाल, पीडी नवरतन और पीएनसी के अधिकारी शामिल रहे। सूत्रों के अनुसार उन्होंने 45 किमी लंबे ग्रीन फील्ड एरिया में बड़े पैमाने पर सुधार की आवश्यकता बताई। तकनीकी जांच की रिपोर्ट आने पर उसके आधार पर सुधार कराने का निर्देश दिया।