संवासिनियों के गर्भवती और कोरोना संक्रमित मिलने के बाद सील किया गया
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उत्तर प्रदेश में कानपुर के स्वरूप नगर स्थित संवासिनी गृह में इतनी बड़ी संख्या (57) में बालिकाओं के कोरोना पॉजिटिव आने की जांच करने दूसरी बार आईं राज्य बाल संरक्षण आयोग की सदस्य डॉ. शुचिता चतुर्वेदी ने कहा कि मामले में बड़ी चूक हुई है।
जिस दिन पहला केस (14 जून को एक किशोरी) आया था, उसी दिन बाकी बालिकाओं को क्वारंटीन कर सभी की जांच करानी चाहिए थी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और संक्रमण बढ़ता चला गया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।
दोषी अधिकारियोें और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंगलवार को सर्किट हाउस में उन्होंने यह भी कहा कि यहां की एक स्टाफ भी पॉजिटिव आई है। आशंका है कि उसी के जरिये यहां संक्रमण फैला है। ऐसे में उसे क्वॉरंटीन कर दिया जाता तो इस भयावह स्थिति से बचा जा सकता था।