कानपुर। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के फार्माकोलॉजी विभाग के कक्ष से डॉ. शाहीन सईद की नेम प्लेट बर्खास्तगी के चार साल बाद सोमवार को हटाई गई। वर्ष 2006 में डॉ. शाहीन के जाॅइन करने के बाद उनके कक्ष पर नेम प्लेट टांगी गई थी। इसके बाद कन्नौज मेडिकल कॉलेज में छह महीने के लिए तबादला किया गया तो भी नेम प्लेट कक्ष से नहीं हटाई गई। वर्ष 2013 में वह किसी को सूचना दिए बिना गायब हो गई। वर्ष 2020 में डॉ. शाहीन ने आवेदन भेजकर दोबारा जाॅइन करने की इच्छा जताई थी लेकिन बर्खास्तगी की प्रक्रिया महानिदेशालय ने लगभग पूरी कर ली थी इससे जाॅइन नहीं कराया गया और 2021 में बर्खास्त भी कर दिया गया था। इसके बाद भी कक्ष में नेम प्लेट टंगी रही। डॉ. शाहीन का नाम विभागाध्यक्षों की सूची में भी शामिल था। जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद अब सोमवार को नेम प्लेट हटा दी गई है। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला का कहना है कि बर्खास्तगी के तुरंत बाद नेम प्लेट हटा दी जानी चाहिए थी। विभागाध्यक्ष से नेम प्लेट न हटाए जाने के संबंध में पूछताछ की जाएगी। (ब्यूरो)