डॉ. राघवपत सिंहानिया और माधवकृष्ण सिंहानिया
- फोटो : amar ujala
जहां मील का पत्थर साबित हुए
- तीन वर्षों में कंपनी का टर्नओवर सात हजार करोड़ से बढ़ाकर 22 हजार करोड़ तक पहुंचाया।
- 10 वर्षों में ग्रे सीमेंट का उत्पादन 7.5 मीट्रिक टन सालाना से बढ़ाकर 14.7 मीट्रिक टन किया।
- अफ्रीका और यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) में भी व्हाइट सीमेंट का प्लांट लगाया और दुनिया के 100 देशों से कारोबार शुरू किया।
ये जिम्मेदारियां भी
माधवकृष्ण : नेशन काउंसिल फॉर बिल्डिंग मैटेरियल की गवर्निंग बॉडी में शामिल हैं और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के वाइस चेयरमैन हैं।
राघवपत : यदुपति सिंहानिया वोकेशनल एजुकेशन फाउंडेशन, सर पदमपत सिंहानिया यूनिवर्सिटी, एलके सिंहानिया एजुकेशन सेंटर, एलए एजुकेशन सेंटर की भी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
अपने पिता और चाचा के बताए रास्ते पर चल रहा हूं। वे जमीन से उठे कारोबारी रहे हैं। हम दोनों भाई उनके सपनों को पूरा करने का काम कर रहे हैं। जेके सीमेंट को दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनाने का सपना है। शहर में एक अच्छा हॉस्पिटल खोलने की तमन्ना है, ताकि जरूरतमंदों को सस्ता और सबसे अच्छा इलाज मिल सके।
राघवपत सिंहानिया, एमडी, जेके सीमेंट