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देश की मूल्यवान हस्तियों में डॉ. राघवपत और माधवकृष्ण सिंहानिया, फोर्ब्स इंडिया के कवर पेज पर मिली जगह

Sun, 20 Jun 2021 12:14 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

डॉ. राघवपत सिंहानिया व माधवकृष्ण सिंहानिया दोनों युवा उद्यमी देश की मूल्यवान हस्तियों में शुमार हुए हैं। दुनिया की प्रतिष्ठित बिजनेस मैगजीन ‘फोर्ब्स’ ने उन्हें अपने कवर पेज पर जगह दी है।
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फोर्ब्स इंडिया के विशेषांक में दोनों भाई शामिल - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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देश के प्रतिष्ठित उद्योगपतियों में शुमार ‘कानपुर का सिंहानिया परिवार’ किसी परिचय का मोहताज नहीं है, लेकिन सीमेंट किंग यदुपति सिंहानिया के निधन के बाद कारोबारी विरासत को आगे बढ़ाने में इनके दो भतीजों डॉ. राघवपत सिंहानिया व माधवकृष्ण सिंहानिया का योगदान मिशाल के तौर पर सामने आया है। शहर के दोनों युवा उद्यमी देश की मूल्यवान हस्तियों में शुमार हुए हैं।
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दुनिया की प्रतिष्ठित बिजनेस मैगजीन ‘फोर्ब्स’ ने अपने भारतीय संस्करण में युवा उद्यमियों पर विशेषांक निकाला है, जिसमें ये दोनों भाई भी शामिल हैं। शुरुआती पन्नों पर कनपुरियों का प्रतिनिधित्व है।
डॉ. राघवपत वर्तमान में जेके सीमेंट के प्रबंध निदेशक हैं। इन्होंने वर्ष 2007 में महज 23 साल की उम्र में अपने चाचा यदुपति सिंहानिया की छत्रछाया में विशेष कार्यकारी के रूप में कंपनी में कदम रखा था।
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इसी तरह से माधवकृष्ण ने वर्ष 2010 में महज 22 साल की उम्र में कंपनी की जिम्मेदारियां संभालीं। राघव ने प्रबंधन की तो माधव ने अपनी तकनीकी शिक्षा के बदौलत कंपनी के कामकाज में अप्रत्याशित सुधार किए। दोनों भाइयों ने अपनी सोच, समर्पण और सामर्थ्य से जेके सीमेंट समूह को आगे बढ़ाया।

नतीजा ये रहा कि अगले कुछ ही वर्षों में जेेके देश की सबसे बड़ी ग्रे सीमेंट उत्पादक कंपनी बन गई। राघवपत के बारे में कहा जाता है कि उनमें नई संभावनाओं को तलाशने का जुनून है। वे ग्राहक की जरूरतों को समझने में माहिर हैं। इसी सोच का परिणाम रहा कि इन्होंने वाल पुट्टी और व्हाइट सीमेंट का भी उत्पादन शुरू किया। व्हाइट सीमेंट के मामले में जेके समूह दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक बना।
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डॉ. राघवपत सिंहानिया और माधवकृष्ण सिंहानिया - फोटो : amar ujala
जहां मील का पत्थर साबित हुए 
- तीन वर्षों में कंपनी का टर्नओवर सात हजार करोड़ से बढ़ाकर 22 हजार करोड़ तक पहुंचाया।
- 10 वर्षों में ग्रे सीमेंट का उत्पादन 7.5 मीट्रिक टन सालाना से बढ़ाकर 14.7 मीट्रिक टन किया। 
- अफ्रीका और यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) में भी व्हाइट सीमेंट का प्लांट लगाया और दुनिया के 100 देशों से कारोबार शुरू किया।

ये जिम्मेदारियां भी
माधवकृष्ण : नेशन काउंसिल फॉर बिल्डिंग मैटेरियल की गवर्निंग बॉडी में शामिल हैं और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री के वाइस चेयरमैन हैं।
राघवपत : यदुपति सिंहानिया वोकेशनल एजुकेशन फाउंडेशन, सर पदमपत सिंहानिया यूनिवर्सिटी, एलके सिंहानिया एजुकेशन सेंटर, एलए एजुकेशन सेंटर की भी जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।

अपने पिता और चाचा के बताए रास्ते पर चल रहा हूं। वे जमीन से उठे कारोबारी रहे हैं। हम दोनों भाई उनके सपनों को पूरा करने का काम कर रहे हैं। जेके सीमेंट को दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी बनाने का सपना है। शहर में एक अच्छा हॉस्पिटल खोलने की तमन्ना है, ताकि जरूरतमंदों को सस्ता और सबसे अच्छा इलाज मिल सके। 
राघवपत सिंहानिया, एमडी, जेके सीमेंट 

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