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आत्महत्या से पहले प्रियंका संग था डॉ. हरवीर

Wed, 27 Jul 2016 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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कानपुर। नोएडा के वाणिज्यकर डिप्टी कमिश्नर बद्री प्रसाद शर्मा की बेटी प्रियंका के आत्महत्या करने से पहले आरोपी डॉ. हरवीर सिंह सोढ़ी उसके साथ था। पुलिस ने बताया कि प्रियंका ने आत्महत्या करने से पहले आखिरी कॉल भी डॉ. हरवीर को ही की थी। हालांकि इन दोनों में बात क्या हुई, पुलिस इसकी छानबीन कर रही है। वहीं आरोपी डॉक्टर पर सुबूत मिटाने की धारा भी बढ़ाई जाएगी। आरोपी ने प्रियंका के कमरे में घुसते ही सबसे पहले उसके मोबाइल का डाटा डिलीट किया था। इसकी पुष्टि प्रियंका के बुआ के लड़के आनंद शुक्ला से पूछताछ में हुई है। आत्महत्या की सूचना पर आरोपी और आनंद ही सबसे पहले मौके पर पहुंचे थे।


लखनऊ विभूति खंड गोमती नगर निवासी बद्री प्रसाद की बेटी प्रियंका (25) शहर के एक डेंटल कॉलेज से मास्टर ऑफ डेंटल सर्जरी (एमडीएस) की पढ़ाई कर रही थी। प्रियंका नवाबगंज के बृजधाम अपार्टमेंट में किराए पर रहती थी। शनिवार को उसका शव फंदे से लटकता मिला था। मामले में परिजनों ने डॉ. हरवीर पर जबरन नाजायज संबंध और शादी का दबाव बनाने का आरोप लगाकर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की धारा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। प्रियंका की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसने शुक्रवार रात को आत्महत्या की थी। उधर, अपार्टमेंट के गार्ड से पूछताछ में यह बात सामने आई है कि डॉ. हरवीर रोजाना की तरह शुक्रवार रात को भी प्रियंका से मिलने आया था। इससे यह तो स्पष्ट है कि आत्महत्या से पहले दोनों साथ थे। यह जांच का विषय है कि ऐसा दोनों में क्या हुआ, जो प्रियंका ने आत्महत्या कर ली। इसके लिए पुलिस प्रियंका के मोबाइल की सीडीआर खंगालने के साथ ही डिलीट किया गया डाटा (फोटो, सेल्फी, चैटिंग आदि) रिकवर करने में लगी है। इसके अलावा दोनों के संबंधों का पता लगाने के लिए पुलिस प्रियंका की सहेलियों से भी पूछताछ कर रही है। एसओ नवाबगंज अखिलेश जायसवाल ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए मंगलवार को पुलिस ने स्वरूप नगर स्थित उसके घर में दबिश दी लेकिन वह फरार है।
सौम्या कांड में दरोगा लाइन हाजिर
बिल्हौर (ब्यूरो)। कोतवाली क्षेत्र के पिहानी मजबूत नगर की छात्रा सौम्या की मौत के मामले में लापरवाही बरतने पर एसएसपी ने मकनपुर चौकी इंचार्ज उस्मान खान को लाइन हाजिर कर दिया है। परिजनों ने आरोप लगाया था कि कालेज के शिक्षक आलोक यादव की प्रताड़ना से तंग आकर छात्रा ने 19 जुलाई को आत्महत्या कर ली थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया।

छात्रा की मौत की जांच इंस्पेक्टर अमर पाल सिंह ने मकनपुर चौकी इंचार्ज उस्मान खान को सौंपी थी। जांच में लापरवाही करने और आरोपी शिक्षक का अभी तक पता नहीं लगा पाने पर एसएसपी शलभ माथुर ने मंगलवार को यह कार्रवाई की। इंस्पेक्टर अमर पाल सिंह ने बताया कि आरोपी शिक्षक को पकड़ने के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
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