‘स्वाइन फ्लू का हौव्वा न पालें। बचाव और सही इलाज से इस बीमार से पीड़ित
ठीक हो जाते हैं। ये बातें मंगलवार को जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल
प्रो. नवनीत कुमार ने कहीं। वे हैलट एसआईसी कार्यालय में स्वाइन फ्लू पर
बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि 95 फीसदी से ज्यादा में बीमारी होने
के बाद भी स्वत: ठीक हो जाती है। सिर्फ दस फीसदी को यदि स्वाइन फ्लू हुआ तो
इलाज की जरूरत पड़ती है।
इनमें से भी ज्यादातर पांच साल से कम
उम्र के बच्चे, वृद्ध, गर्भवती महिला, सांस के रोगी, ब्रेन स्ट्रोक, हृदय,
किडनी, लीवर, डायबिटीज के मरीज होते हैं।
डॉ. सौरभ अग्रवाल ने कहा
कि शुरुआती दौर में इलाज न मिलने पर स्वाइन फ्लू ऐसे मरीजों की मौत का कारण
बन सकता है। इस दौरान सीएमएस डॉ. सीएस सिंह मौजूद रहे।