कानपुर। स्वास्थ्य विभाग में आयुष्मान भारत योजना से जुड़ी अनियमितताओं के मामले में जांच समिति की कार्रवाई तेज हो गई है। जांच के तीसरे दिन गुरुवार को विशेष तीन सदस्यीय समिति (डॉ. आरपी मिश्रा, डॉ. कैलाश और डॉ. प्रणव) ने जिला प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर (डीपीसी) डॉ. सुधाकर प्रसाद शुक्ला से पूछे गए सवालों का विश्लेषण किया और पाया कि उन्होंने गोलमोल जवाब दिए हैं। बुधवार को लगभग एक घंटे चली पूछताछ में 15 सवालों के जवाब से कमेटी संतुष्ट नहीं है, अब उनसे 30 सवाल पूछने की तैयारी है।
अधिकारियों का मानना है कि डीपीसी ने सीधे जवाब देने के बजाय बातें घुमाने का प्रयास किया है। कमेटी उन्हें अपनी बात रखने का आखिरी मौका भी देगी। कमेटी ने शिकायतकर्ता डॉ. महेंद्र से भी मुलाकात कर पूरी शिकायत का ब्योरा दर्ज किया है। फरवरी 2024 के शासनादेश (100 बेड वाले अस्पतालों की शर्त) के विपरीत छोटे अस्पतालों को लाभ पहुंचाने के सवाल पर डॉ. सुधाकर ने लिखित बयान दिया कि आवेदन निरस्त या अनुमोदित करना कमेटी का काम है। उनके इस बयान के बाद आयुष्मान योजना से जुड़े अन्य अधिकारी भी जांच के घेरे में आ गए हैं। इसके अलावा 2023 में भी उन पर सोने की चेन मांगने के आरोप लगे थे। जांच समिति शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज करेगी। सभी दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद समिति अगले सप्ताह अपनी अंतिम रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी।