रूरा। नगर स्थित एक निजी अस्पताल में बृहस्पतिवार रात को इलाज के दौरान एक डोसा कारीगर की मौत हो गई। परिजन ने अस्पताल के स्टाफ पर इंजेक्शन की ओवरडोज देने व गुपचुप तरीके से पुलिस बुलाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का आरोप लगाकर एसपी ऑफिस में शिकायत की है।
रूरा थाना क्षेत्र के मल्लाहनपुरवा निवासी श्रीपाल व उनके परिवार के लोग शुक्रवार सुबह एसपी ऑफिस पहुंचे। यहां उन्होंने कार्यालय में शिकायती पत्र दिया। श्रीपाल ने बताया कि छोटे भाई पुतई निषाद (30) शादी पार्टी में डोसा बनाने का काम करते थे। बृहस्पतिवार रात 11 बजे भाई के शरीर में दर्द होने के चलते वह उनको लेकर रूरा के एक निजी अस्पताल लेकर गए थे। आरोप लगाया कि वहां कर्मचारी के इंजेक्शन लगाने के दौरान आधा इंजेक्शन जमीन पर फैल गया। इस पर कर्मचारी ने तुरंत दूसरा इंजेक्शन भरकर भाई को लगा दिया। इससे उनकी जान चली गई। भाई की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन ने परिजन को जानकारी दिए बिना ही चुपचाप शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। जानकारी पर एसपी कार्यालय पहुंचे लोगों को रूरा थानाध्यक्ष सुधीर भारद्वाज ने पहुंच कर शांत कराया और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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बयान.....
मरीज करीब 10-12 दिन से बुखार से पीड़ित था। उसको सांस लेने में परेशानी व उल्टियां होने पर रात 11 बजे के करीब परिजन अस्पताल लेकर आए थे। परिजन ने मेडिकल स्टोर से दवा लेकर घर पर उपचार करवाने की जानकारी दी। इस पर मरीज की बीमारी पता करने के लिए खून का नमूना लेने के साथ उल्टी बंद करने के लिए इंजेक्शन दिया था। सांस लेने में समस्या के चलते उसकी मौत हो गई। - डॉ. प्रवीण कुशवाहा, अस्पताल संचालक
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परिजन के पहुंचे बिना शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने के आरोप निराधार है। पुलिस फौती सूचना मिलने के बाद ही शव का पोस्टमार्टम करवाती है। पंचायतनामा भरने के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाया गया है। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट व सीएमओ स्तर से करवाई गई जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। - आलोक प्रसाद, एएसपी