कानपुर। श्री जगन्नाथ महाराज मंदिर बिरजी भगत जनरलगंज के 216वें वार्षिक उत्सव के तहत मंगलवार को आषाढ़ कृष्ण अमावस्या पर भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा को स्नान कराने के बाद शृंगार और पूजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद ब्राह्मणों का सम्मान कर उन्हें भोजन कराया गया। शाम पांच बजे आरती के बाद मंदिर के पट भक्तों के लिए खुले तो भगवान जगन्नाथ के जयकारे गूंज उठे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने दर्शन कर प्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर के प्रबंधक एवं सर्वराकार ज्ञानेंद्र कुमार गुप्ता और एमएलसी सलिल विश्नोई ने भगवान की आरती कर दर्शन की शुरुआत कराई। यहां नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय भी मौजूद रहे। इसके बाद एमएलसी और नगर आयुक्त के साथ नगर निगम के अधिकारियों ने प्रस्तावित रथयात्रा मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं, साफ-सफाई व अन्य तैयारियों का जायजा लिया। मंदिर प्रबंधन के अनुसार 16 जुलाई को भगवान का विशेष राजशृंगार दर्शन और दुर्लभ चंदन शृंगार का आयोजन होगा। 17 जुलाई को मंदिर से शाम सात बजे रथयात्रा निकाली जाएगी। 26 जुलाई को पारंपरिक विदाई रथयात्रा के साथ वार्षिक उत्सव का समापन होगा। कार्यक्रम में सहप्रबंधक गोपाल गुप्त, अभिषेक गुप्त, अंबरीष गुप्त, समीर, पुष्कर, ज्ञानेंद्र कुमार विश्नोई, नगर निगम के मुख्य अभियंता सैयद फरीद अख्तर जैदी, महाप्रबंधक जलकल आनंद त्रिपाठी, जोनल अधिकारी विद्या सागर यादव, राहुल जायसवाल समेत अन्य सदस्य मौजूद रहे।
शहर में अलग-अलग स्थानों से निकलेंगी रथयात्राएं
रथयात्रा प्रबंधक समिति बाईजी मंदिर के महामंत्री विवेक अग्निहोत्री ने बताया कि 16 जुलाई को सुबह पांच बजे मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। वहीं उमा जगदीश मंदिर में भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और बहन सुभद्रा के 15 दिवसीय विश्राम काल का समापन 16 जुलाई को होगा। इसके बाद मंदिर के पट खोले जाएंगे। दोनों जगह से शाम को रथयात्रा निकाली जाएगी। श्री जगन्नाथ सेवा समिति की ओर से भी 16 जुलाई को किदवईनगर से रथयात्रा निकाली जाएगी।
19 जुलाई को निकलेगी इस्कॉन की रथयात्रा
मैनावती मार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर की ओर से 19 जुलाई को श्रीश्री जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव आयोजित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार यात्रा शाम चार बजे गोविंदनगर स्थित रामलीला ग्राउंड के निकट श्री राम दशानन धर्मशाला से शुरू होकर बर्रा बाईपास चौराहा स्थित गेस्ट हाउस तक जाएगी। रथ पर भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा के दिव्य विग्रह विराजमान होंगे। यात्रा में हरे कृष्ण महामंत्र संकीर्तन, मृदंग, करताल और अन्य वाद्ययंत्रों की ध्वनि से माहौल भक्तिमय होगा। भगवान की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक झांकियां और महाप्रसाद वितरण भी आकर्षण का केंद्र रहेगा।