कमालगंज। गोशाला में गोवंश के शव को गड्ढे में दफनाए जाने के बजाय उसपर मिट्टी डालकर खानापूरी की गई। शव को कुत्ते नोच कर अपना निवाला बनाते रहे। इस घटना का वीडियो गुरुवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो अधिकारियों ने पहुंच कर मामले की जांच की। अब कर्मचारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करती है।
विकास खंड की गगनी ग्राम पंचायत के हसनापुर में गोवंशों के लिए वृहद आश्रय स्थल बनाया गया है। इसमें 180 गोवंश हैं। प्रधान गंगाराम के नेतृत्व में पांच केयरटेकर गोवंशों की देखभाल करते हैं। गोशाला में मृत गोवंश को गड्ढा खोदकर दफनाने के बजाय उसे ऐसे ही फेंक दिया गया। मिट्टी डालकर उसे ढक दिया। बदबू आने पर पहुंचे कुत्तों ने मिट्टी हटाकर शव को नोचना शुरू कर दिया। गुरुवार को सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल हो गया। खंड विकास अधिकारी अनिल चंद्र व पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. राघवेंद्र सिंह गोशाला पहुंचे। कुछ देर में ही एसडीएम सदर रजनीकांत पांडेय भी पहुंच गए। उन्होंने मामले की जांच के दौरान गोपालकों से पूछताछ की। गोवंशों को चन्नी में सूखा भूसा था। हरा चारा गोवंशों को नहीं मिला रहा। एसडीएम ने जिम्मेदारों की जमकर फटकार लगाई।
ग्राम विकास अधिकारी का फोन स्विच ऑफ
- खंड विकास अधिकारी ने गोशाला से वापस आते ही गगनी के ग्राम विकास अधिकारी पंचायत सचिव आलोक दुबे व प्रधान गंगाराम को नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया कि गोवंश को दफनाए जाने के बजाय मौके पर कुत्तों द्वारा शव नोचने का मामला सामने आया। फोन भी स्विचऑफ था। वहीं सचिव आलोक दुबे ने गोशाला के गोपालक वेदप्रकाश, रणविजय, टिन्नी, अनिल, दिनेशचंद्र को नोटिस दिया कि सभी संसाधन होने के बावजूद गोवंश को ठीक से क्यों नहीं दफनाया गया। सचिव ने कहा कि एक फिट नीचे गड्ढे में ही दफनाए जाने से ऊपर की मिट्टी खुल गई। लापरवाह केयरटेकर हटाए जाएंगे।