कानपुर। कल्याणपुर स्थित रुद्रा हॉस्पिटल में युवक की मौत के बाद हुए हंगामे और पथराव के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने अस्पताल प्रशासन से इलाज से जुड़े सभी दस्तावेज तलब किए हैं। सीएमओ के अनुसार प्राथमिक जानकारी में अस्पताल के पास वैध लाइसेंस होने की बात सामने आई है। घटना के बाद तनाव और कानून व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस-प्रशासन ने एहतियातन अस्पताल फिलहाल बंद करा दिया है।
सोमवार को नोडल अधिकारी एसीएमओ डॉ. रमित रस्तोगी टीम के साथ अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। अस्पताल बंद मिलने पर उन्होंने फोन कर संचालक को जरूरी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डॉ. रमित ने बताया कि अस्पताल का पंजीयन है। इलाज संबंधी दस्तावेज मांगे गए हैं। इनके आधार पर जांच कमेटी गठित कर मामले की जांच कराई जाएगी।
दरअसल कानपुर देहात के मैथा निवासी प्रांशु यादव (25) छह दिन पूर्व सड़क हादसे में घायल हो गया था। उसे रुद्रा हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। रविवार देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। विवाद बढ़ने पर परिजनों और अस्पताल संचालकों के बीच झड़प हुई और बाद में बाहर पथराव हुआ था। इसमें प्रांशु के मौसा सेवानिवृत्त दरोगा बलवान सिंह, उनके बेटे और दो चचेरे भाइयों समेत करीब पांच लोग घायल हो गए थे। परिजनों ने आरोप लगाया था कि अस्पताल पर्याप्त डॉक्टरों के बिना चल रहा था और लापरवाही से मरीज की जान गई। वहीं अस्पताल संचालक का कहना है कि न्यूरो सर्जन को बुलाया गया था और मरीज के तीमारदारों ने ही मारपीट व पथराव किया।