कानपुर। नगर निगम में शाॅर्टसर्किट से लगी आग में दाखिल-खारिज और मकानों की रजिस्ट्री भी जल गईं। शुक्रवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने निरीक्षण किया तो पता चला कि जले दस्तावेज जोन-4 जोनल कार्यालय से संबंधित मकानों के काफी पुराने हैं।
करीब दो साल पहले जोनल कार्यालय जवाहरनगर चला गया और रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध हैं। आधे-अधूरे जले दस्तावेजों को भी सुरक्षित कर उन्हें उपयोग योग्य बनाने की कोशिश की जा रही है।
महापौर नगर निगम मुख्यालय की गोल बिल्डिंग से सटी इमारत के दूसरे तल पर पहुंचीं। लेखा और मार्ग प्रकाश विभाग के कमरों का निरीक्षण किया। यहां मुख्य वित्त व लेखाधिकारी रीता सचान ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही अभिलेख सुरक्षित कर लिए थे। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार व अन्य अधिकारी भी साथ रहे।
विज्ञापन विभाग हटाएं बेकार होल्डिंग
महापौर ने कर्मचारियों से नुकसान का पूरा ब्योरा लिया और आग लगने के कारणों की जांच के निर्देश दिए। मार्ग प्रकाश विभाग के मुख्य अभियंता आरके पाल ने बताया कि आग से उनकी विभाग की फाइलों को कोई नुकसान नहीं हुआ लेकिन पानी से दस्तावेज खराब हुए हैं जिन्हें सुखा कर व्यवस्थित कराया जा रहा है। महापौर नीचे आईं तो विज्ञापन विभाग की होर्डिंग व बैनर एकत्र दिखे। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि इन्हें क्यों नहीं हटाया गया, क्या आग लगने का इंतजार हो रहा है।
वर्जन
आग लगने की घटना की जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट शनिवार दोपहर तक मिल जाएगी। उसके बाद ही पता चल सकेगा कि क्या-क्या नुकसान हुआ है। - अर्पित उपाध्याय, नगर आयुक्त