कानपुर हैलट के डॉक्टरों की संवेदनहीनता सामने आई है। बाहर से दवा न लाने पर उन्नाव में सड़क हादसे में घायल दो दोस्तों का हैलट इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों ने इलाज नहीं किया। दोनों घायलों को इमरजेंसी से बाहर कर दिया। इसके बाद दवा का बकाया बिल न चुकाने पर मेडिकल स्टोर संचालक ने भी घायलों को रोक लिया। दोपहर में घायलों के एक रिश्तेदार के बिल चुकता करने के बाद परिजन घायलों को वहां से ले जा सके। इस मामले को डीएम विजय विश्वास पंत ने गंभीरता से लिया है। डीएम ने इमरजेंसी में डॉक्टरों से घायलों को भगाए जाने से बारे में सवाल-जवाब किए।
रविवार दोपहर उन्नाव के मकदूम नगर निवासी राजपाल और शिव बरन सड़क हादसे में घायल हो गए थे। रात करीब नौ बजे परिजन घायलों को लेकर हैलट इमरजेंसी पहुंचे। उनके साथ आए मकदूम नगर के पूर्व प्रधान विनोद ने बताया कि इमरजेंसी में जूनियर डॉक्टरों ने घायलों का पर्चा बनवाया। फिर परिजनों को मेडिकल स्टोर से दवा लाने के लिए पर्चा थमा दिया। परिजन ढाई हजार रुपये देकर दवाएं ले आए। बाकी बिल बकाया कर दिया।