कानपुर। कॉर्डियोलॉजी में जिला अस्पतालों के चिकित्सकों को ह्रदय रोगों के इलाज संबंधी प्रशिक्षण दिया गया। संस्थान में दो दिवसीय स्टेमी केयर नेटवर्क ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स कार्यशाला हुई। पहले दिन समझाया गया कि अगर हार्ट अटैक के रोगी दूर दराज के किसी जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में जाता है और उसकी ईसीजी देखकर पता लग जाता है कि उसे हार्ट अटैक हुआ है तो ऐसे में थ्रोम्बोलिसिस का इंजेक्शन लगाएंगे और उसके बाद कॉर्डियोलॉजी के लिए रेफर कर देंगे।
निदेशक डॉ. राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि इस इंजेक्शन के लगने से रोगी खतरे से काफी हद तक सुरक्षित हो जाता है। उन्होंने कहा कि एक व्हॉट्सअप ग्रुप भी बनाया जाएगा। डॉक्टर कॉर्डियोलॉजी के इस व्हाट्सअप ग्रुप में ईसीजी की फोटो भेजेंगे और उसके आधार पर उन्हें गाइड किया जाएगा।
डॉ. वर्मा ने कहा कि बीते वर्ष 35 हजार से ज्यादा ह्रदय संबंधी मामले आए। इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कार्यशाला का समापन ओपन-हाउस प्रश्नोत्तर और प्रमाण पत्र वितरण समारोह के साथ हुआ। यहां डॉ. उमेश्वर पांडे, डॉ. अवधेश, डॉ. कुमार हिमांशु, डॉ. कमलेश यादव, डॉ. प्रवीण शुक्ला, डॉ. मोहित सचान, डॉ. एमएम रजी आदि ने व्याख्यान दिया।