कानपुर देहात/रसूलाबाद। लाख प्रयास के बाद भी रसूलाबाद ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर व स्वास्थ्य कर्मी अपनी मर्जी के अनुसार पहुंच रहे हैं। रसूलाबाद ब्लॉक में तीन पीएचसी हैं। यहां तीन डॉक्टर समेत 12 स्वास्थ्य कर्मी तैनात हैं। लापरवाही का आलम यह है कि डॉक्टर कभी-कभी अस्पताल पहुंचते हैं, जबकि अन्य स्टाप ड्यूटी पर देर से पहुंचता है और जल्दी वहां से चला जाता है।
इससे क्षेत्र के लोगों को परेशान होना पड़ता है। सोमवार को एक पीएचसी बंद मिली तो एक अस्पताल में फार्मासिस्ट मरीजों का उपचार करते मिले। कई बार ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी अफसरों की ओर से कार्रवाई नहीं की जा रही है। वहीं रात में इमरजेंसी के दौरान दूर दराज के लोगों को लंबी दूरी तय कर सीएचसी रसूलाबाद जाना पड़ता है।
ग्रामीण बोले, हफ्ते में कुछ दिन ही आतीं डॉक्टर
रसूलाबाद। क्षेत्र के पहाड़ीपुर पीएचसी में डॉक्टर व कर्मचारी जमकर लापरवाही करते हैं। यहां तैनात डॉ. रिद्धिमा त्रिपाठी सोमवार को अस्पताल में मिली। फार्मासिस्ट उपासना मौके पर अनुपस्थित मिली। डॉक्टर ने बताया कि वह सीएल पर हैं। अभी तक चार मरीज आए हैं। जिनका उपचार किया गया है।
यहां वार्ड ब्वॉय गणेश सहित एक चतुर्थश्रेणी कर्मचारी भी तैनात है। अस्पताल में बने आवासों में ताला लटकता मिला। ग्रामीण सुनील यादव, शिवम विश्वास के अनुसार डॉक्टर हफ्ते में कुछ दिन ही आती हैं। इससे लोगों को उपचार के लिए रसूलाबाद जाना पड़ता है।
कहिंजरी पीएचसी में लटकता मिला ताला
रसूलाबाद। कहिंजरी पीएचसी में डॉ. एन चंद्रा, फार्मासिस्ट रेखा, वार्ड ब्वॉय सहित चार कर्मी तैनात हैं। सोमवार को पीएचसी के मेन गेट पर ताला लटका मिला। बाहर मरीज डॉक्टर का इंतजार करते मिले। काफी इंतजार के बाद मरीजों को लौटना पड़ा।
अस्पताल में बने डॉक्टर व कर्मचारियों के आवास में भूसा भरा मिला। वहीं परिसर में गंदगी का अंबार देखने को मिला। लोगों का कहना है कि अस्पताल अक्सर बंद रहता है। इससे रोज होने वाली ओपीडी भी नहीं की जा रही है। लोगों को उपचार के लिए काफी परेशान होना पड़ता है।
उपचार करते मिले फार्मासिस्ट
रसूलाबाद। तिस्ती पीएचसी रसूलाबाद के आखिरी छोर पर बसा है। वहां की पीएचसी में भी एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट सहित चार कर्मी तैनात हैं। यहां भी स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर औपचारिकता निभाई जा रही है। पड़ताल के दौरान डॉ. शैलेंद्र मौके पर नहीं मिले। मौजूद फार्मासिस्ट शिव सिंह मरीजों का उपचार व दवा वितरित करते मिले। इसके अलावा वार्ड ब्वाय निर्भय भी मौजूद नहीं मिले। परिसर में गंदगी भी देखने को मिली।
कहिंजरी पीएचसी के बंद होने की जानकारी नहीं है। डॉक्टरों को रोजाना ओपीडी करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर कहीं भी लापरवाही की जा रही है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. लोकेश शर्मा, अधीक्षक रसूलाबाद सीएचसी