यूपी के हमीरपुर जिले में मंगलवार तड़के संदिग्ध परिस्थितियों में एक चिकित्सक ने पत्नी के कनपटी पर तमंचा सटा कर गोली मारने के बाद खुद को भी गोली से उड़ा दिया। डाक्टर का शव छत पर तो पत्नी का शव बेडरूम में खून से लथपथ मिला।
विज्ञापन
डाक्टर इसी मकान में क्लीनिक चलाता था, जबकि उसकी पत्नी जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापिका थी। दोनों में कुछ दिन से अनबन होने की बात सामने आई है। पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने कहा कि प्रथमदृष्या मामला सुसाइ़ड का है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों के पेट खाली मिला है। चिकित्सक के मुताबिक करीब दो दिन से दोनों ने खाना नहीं खाया था। उधर झांसी से आए मृतका के भाई ज्ञानेंद्र ने कहा कि पति-पत्नी 20 साल से साथ रह रहे थे। अनबन की बात कभी सामने नहीं आई।
विज्ञापन
मौदहा में चिकित्सक व उसकी पत्नी की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला
मौदहा कस्बे के मलीकुआं चौराहे पर स्थित श्यामा भवन में रहने वाले डा. देवेंद्र सिंह की करीब आठ साल पहले मौत हो गई। इस पर उनकी क्लीनिक दूसरे नंबर के बेटे डा.ओमप्रकाश सिंह (50) ने संभाल ली। बीईएमएस डिग्रीधारी डा. ओमप्रकाश की पत्नी गीता (48) रागौल गांव में परिषदीय जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापिका थी। इनका एक बेटा कोटा (राजस्थान) में रहकर इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहा है तो दूसरा नौवीं क्लास में पड़ता है और दंपति के साथ रहता है। श्यामा भवन में ऊपरी हिस्से में डा. ओमप्रकाश व उनके दूसरे भाई व कुछ किरायेदार भी रहते हैं।
मंगलवार तड़के करीब 3:30 बजे मलीकुआं चौराहे पर तैनात होमगार्ड ने फायरिंग की आवाज सुनी। उसने मुख्य मार्ग स्थित इस भवन में प्रवेश करने का प्रयास किया। लेकिन, वहां से किसी की आवाज नहीं आई। गार्ड ने क्लीनिक के बाहर लिखे कंपाउंडर रणवीर सिंह के मोबाइल नंबर पर फोन कर फायर होने की जानकारी दी। रणवीर सिंह ने डॉक्टर के मोबाइल पर काल किया तो उसने सब ठीक होने की बात कही। सुबह चार बजे मकान से दूसरे फायर की आवाज तब तक गार्ड की सूचना पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। गई। सामने से दरवाजा न खुलने पर पुलिस मकान के पिछले हिस्से में स्थित फाटक खुलवाकर तीसरी मंजिल पर पहुंची।
मौदहा में घटनास्थल पर मृतक के भाई से जानकारी लेते एसपी।
- फोटो : अमर उजाला
मकान के अंदर ऊपरी मंजिल के बरामदे में बने बेडरूम के नीचे गीता का खून से सना शव पड़ा मिला। उसके मुंह में कपड़ा भी ठूंसा मिला। बेडरूम में खून से सने चादर मिले। वहीं छोटे बेटे हर्षित (14) के कमरे की कुंडी बाहर से बंद मिली। पुलिस छत पर पहुंची तो वहां डॉक्टर का शव पड़ा मिला। वह बनियान और पैंट पहने था। मृतक के पास दो तमंचा और जेब में चार कारतूस व सिम मिला। जांच में यह सिम गीता के माोबाइल का बताया गया। पुलिस ने बरामदे में कारतूस का एक खोखा भी बरामद किया है। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। कंपाउंडर के साथ परिजनों से घटना की विस्तृत जानकारी ली। एसपी ने बताया कि फिलहाल घटना प्रथमदृष्टया सुसाइड लगती है। घटना की बारीकी से जांच की जा रही है। फील्ड यूनिट टीम ने मौके का निरीक्षण कर फिंगर प्रिंट लिए हैं। आशंका है कि डाक्टर ने पत्नी की हत्या करने के बाद आत्महत्या कर ली है। इस मामले की सूचना मृतक चिकित्सक के भाई श्यामप्रकाश सिंह ने कोतवाली में दर्ज कराई। पुलिस ने दो शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मौदहा में चिकित्सक का मकान व सड़क में लगी लोगों की भीड़ ।
- फोटो : अमर उजाला
करीब 50 साल पहले उन्नाव से मौदहा आया था परिवार
जनपद उन्नाव के तहसील बीघापुर के रघुखेरा गांव निवासी डा.देवेंद्र सिंह करीब 50 साल पहले मौदहा कस्बे आए। उन्होंने क्लीनिक खोला और कुछ समय बाद कस्बे के मलीकुआं चौराहे पर मां श्यामा भवन नाम से तीन मंजिला मकान बनवाया। इसी में उन्होंने अस्पताल खोला। डा.देवेंद्र के चार लड़के स्वयं प्रकाश, ओमप्रकाश, श्यामप्रकाश व रामप्रकाश हैं। मौजूदा समय में रामप्रकाश बैतूल मप्र में रहता है। जबकि अन्य तीन भाई अलग-अलग पोर्सन में इसी मकान में रहते हैं। देवेंद्र के दो भाई व पीछे की ओर कुछ किरायेदार भी इसी मकान में रहते हैं। करीब आठ साल पूर्व डा.देवेंद्र की मृत्यु होने पर उसके दूसरे नंबर का पुत्र डा.ओमप्रकाश सिंह (50) ने बीईएमएस की डिग्री हासिल कर क्लीनिक का संचालन करना शुरू कर दिया। ओमप्रकाश की पत्नी गीता (48) कस्बे से लगे रागौल गांव में परिषदीय जूनियर हाईस्कूल में सहायक अध्यापिका थी।
चिकित्सक ने रखे दो तमंचे
चिकित्सक की मां के नाम लाइसेंसी बंदूक है। इसके बाद भी घटना में तमंचे का प्रयोग होना पाया गया है। पुलिस ने दो तमंचे, चार जिंदा कारतूस व एक खोखा बरामद किया है। जबकि एक खोखे का पुलिस कोई सुराग नहीं लगा सकी है। मौके से दो तंमचे मिलने पर यह कयास लगाया जा सकता है कि चिकित्सक कोई लापरवाही नहीं बरतना चाहता था, जिसके चलते शायद उसने दो तमंचों की व्यवस्था की हो। अब घटना में दोनों तमंचों का प्रयोग किया या एक तमंचे का यह जांच का विषय है। कोतवाल एके सिंह ने बताया कि एक तमंचे में कारतूस लगा पाया गया। बताया कि हो सकता है वह मिस हो गया न चला हो इस पर उसने एक ही तमंचे का घटना में प्रयोग किया हो। बताया कि एक खोखा व चार कारतूस मिले हैं। एक खोखा नहीं मिला है। जिसकी छानबीन की जा रही है।
-डाक्टर ने अध्यापिका पत्नी की हत्या कर खुद को गोली से उड़ाया
-घर में लाइसेंसी असलहा होने के बाद भी तमंचे से मारी गोली