मृतक की फाइल फोटो व मौके पर पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव अइयापुर में शुक्रवार शाम क्लीनिक पर बैठे नेत्र परीक्षक को सरेशाम गोली से उड़ा दिया गया। घटना में परिवार के ही चचेरे भाई पर शक की सुई घूम रही है। वह विदेश में जेल भी जा चुका है। उसकी करीब दो माह पूर्व नेत्र परीक्षक से मारपीट भी हुई थी। अभी परिजनों ने मामले की तहरीर नहीं दी है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव अइयापुर निवासी बिलाल खान (35) पुत्र खालिद खां नेत्र परीक्षक थे। घर के बाहरी हिस्से में ही वह अपनी जिया आई क्लीनिक पर प्रैक्टिस करते थे। शुक्रवार शाम करीब छह बजे बिलाल क्लीनिक पर अकेले बैठे थे। तभी कोई बिलाल के सीने में गोली मारकर भाग गया। गोली की आवाज सुन मोहल्ले के लोग पहुंचे तो बिलाल लहूलुहान हालत में क्लीनिक पर पड़े थे।
बिलाल के बड़े भाई कमाल अपनी पत्नी को लेकर कटरा गांव रिश्तेदारी में गए थे। गांव वालों की सूचना पर कमाल घर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल भाई बिलाल को सीएचसी ले गए। गोली बिलाल के बायीं ओर सीने पर लगी थी। हालत गंभीर होने पर बिलाल को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया। वहां ड्यूटी पर मौजूद डा. प्रशांत ने बिलाल को मृत घोषित कर दिया।
बड़े भाई कमाल ने बताया कि वह मर्चेंट नेवी में नौकरी करते थे। गांव में उनकी काफी जायदाद है। इसके चलते ही वह नौकरी छोड़कर आ गए और भाई के साथ रह रहे थे। बताया कि घटना के समय पिता भी घर पर नहीं थे। मां की एक वर्ष पूर्व मौत हो चुकी है। बिलाल की अभी शादी नहीं हुई थी। एसपी डॉ. अनिल मिश्रा ने लोहिया अस्पताल में पहुंचकर कमाल से घटना के बारे में जानकारी ली।
एसपी ने बताया कि दो माह पहले एक चचेरे भाई से बिलाल का झगड़ा हुआ था। वह 15 वर्ष तक विदेश में रहा और वहां जेल भी गया था। उसके दोस्त घर आकर बैठते थे। इसका बिलाल विरोध करता था। इस पर दोनों में मारपीट भी हुई थी। बिलाल की हत्या के पीछे इन सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है।