माई सिटी रिपोर्टर कानपुर। सिद्धांत व अनुप्रयोगों की बारीकियों को समझने से फिजिक्स आती है। न कि उसे रटने से। यह बात क्राइस्टचर्च कॉलेज के फिजिक्स विभाग और पीएसआईटी की ओर गुरुवार को आयोजित एक वेबिनार में क्राइस्ट चर्च कॉलेज के डॉ. राजेश कुमार द्विवेदी ने कही। उन्होंने की कई छात्र ना तो सही से फिजिक्स पड़ते हैं और ना ही उनके शिक्षक उनको ठीक से फिजिक्स पढ़ा पाते हैं। फिजिक्स को समझने के लिए छात्र किताबों से ज्यादा प्रैक्टिकल लैब में समय बिताएंगे तो उन्हें विषय समझने में आसानी होगी।।शिक्षक भी ध्यान रखें कि केवल किताबी ज्ञान देने से बेहतर है कि छात्रों को अधिक से अधिक प्रैक्टिकल कराया जाए। वेबिनार के मुख्य वक्ता एनआईटी कर्नाटक से सेवानिवृत्त भौतिक विज्ञान के विशेषज्ञ प्रो. गोविंदराव उमेश ने प्लाजमोनिक्स के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके सोलर सेल, बॉयोसेंसर, नैनोयुक्ति में चल रहे शोध के बारे में जानकारी दी। वेबिनार में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखें।