कार्यशाला में जानकारी देते डाॅक्टर। संवाद
- फोटो : संवाद
फोटो
कानपुर। बच्चों की खांसी, सर्दी, बुखार को हल्के में न लें। समय पर चिकित्सकीय परामर्श लें और जागरूक माता-पिता बनें। सामान्य जुकाम, बुखार में बच्चों को बेवजह एंटी बायोटिक न दें। बिना डॉक्टर को दिखाए मेडिकल स्टोर से अपने मन से दवाएं न लें। यह बात रविवार को भारतीय बालरोग अकादमी के बैनर तले आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञों ने बताई। स्वरूपनगर स्थित एक होटल में हुई कार्यशाला में डॉ. अजय श्रीवास्तव ने जटिल निमोनिया प्रबंधन, डॉ. घनश्याम चौधरी ने एंटीबायोटिक के इस्तेमाल, डॉ. गौरव गुप्ता ने ब्रोंकाइटिस, डॉ. राज तिलक और डॉ. यशवंत राव ने लोकल प्रैक्टिस में गाइडलाइन का प्रयोग और माता-पिता के जागरूक होने की आवश्यकता के बारे में बताया। मुख्य अतिथि पूर्व डीजीएमई वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ. वीएन त्रिपाठी और विशिष्ट अतिथि जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभागाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र गौतम रहे। संचालन डॉ. अमितेश यादव और आभार डॉ. रोली श्रीवास्तव ने व्यक्त किया। इस मौके पर डॉ. केके डोकानिया, डॉ. अनुराग भारती, डॉ. ललित अरोड़ा, डॉ. महेश खट्टर, डॉ. जेएस नारंग, डॉ. ओपी भट्ट, डॉ. शीला चित्रांशी, डॉ. पीके टंडन आदि बालरोग विशेषज्ञ मौजूद रहे। ब्यूरो