यूपी के कानपुर में किसानों को आवारा मवेशियों से निजात दिलाने के लिए जिलाधिकारी ने बड़ा निर्देश जारी किया है। जनपद के 10 ब्लॉकों में आश्रय स्थल का काम पूरा हो चुका है। आवारा मवेशियों की निगरानी के लिए 3 श्रेणियों में कमेटियां गठित की गई हैं।
सीएम के तय समय के अनुसार अब तीन दिन बाकी
किसानों को आवारा गोवंश की समस्या से निजात दिलाने के लिए शासन ने 10 जनवरी तक कानपुर देहात जिले में 21 आश्रय स्थल का बनाने के निर्देश जारी किए हैं लेकिन अभी तक कई ब्लाकों में आश्रय स्थल का निर्माण शुरु भी नहीं हो सका है। जिससे निर्धारित समय में इनका निर्माण पूरा होने की उम्मीद नहीं दिख रही है। इधर किसानों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। आक्रोशित किसान गोवंशों को खदेड़ कर कहीं स्कूल तो कहीं स्टेडियम में बंद कर रहे हैं।
फसलों को उजाड़ रहे छुट्टा गोवंश से निजात के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ ने 10 जनवरी तक सभी जिलों में गोवंश आश्रय स्थल निर्माण के निर्देश 2 जनवरी को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए दिए थे। इसके बाद डीएम राकेश कुमार सिंह ने बैठक कर तीन जनवरी से भूमि का चिंहाकंन करने का काम शुरु कराया था। सीडीओ को चयनित गांवों में गोवंश आश्रय स्थल का निर्माण मनरेगा के तहत कराने के लिए कहा गया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने कई जगह तेजी दिखाई लेकिन डेरापुर ब्लाक के चिंहित गांव खल्ला व बड़ा गांव भिक्खी में अभी तक काम शुरु नहीं हो सका। सरवनखेड़ा ब्लाक के बिलसरायां व करसा में आश्रय स्थल का निर्माण हो रहा है यहां सोमवार को एसडीएम आनंद कुमार सिंह ने निरीक्षण किया। विलसरांया गांव की प्रस्तावित जमीन 24 बीघे जमीन में घेराबंदी करने के लिए खांई खुदवाई जा रही है।