फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: डीएम ने चार किसानों को दिया 23 साल से बैंक में बंधक खेतों का तोहफा

विज्ञापन
किसानों से बात करते जिला​धिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह। - फोटो : सूचना विभाग
विज्ञापन
कानपुर। 23 वर्षों से बैंक में खेतों के बंधक होने से चार गरीब किसान रोटी-रोटी को मोहताज थे। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सरकार की ऋण मोचन योजना की मदद से इन किसानों के लिए खुद और सामाजिक लोगों से करीब 2.50 लाख रुपये इकट्ठा किए। उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक लिमिटेड में ऋण जमा कराया। शनिवार को किसानों को डीएम ने कार्यालय बुलाकर जमीन मुक्त होने की बात बताई तो सबकी आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े।
विज्ञापन


फरवरी में उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास की समीक्षा बैठक हुई थी। इसमें जिलाधिकारी ने बैंक के अधिकारियों से सबसे गरीब किसान ऋणदाताओं के नाम पूछे थे। ये वे किसान थे जिनके खेत वर्षों से बैंक के पास बंधक थे। इसके बाद डीएम ने चार उन किसानों को चिह्नित किया जिनकी जमीन वर्ष 2003 से बंधक थी। इनके पास कृषि के लिए उतनी ही जमीन थी, जो बंधक थी। इसके बाद बैंक अधिकारियों को बुलाकर ऋण मोचन योजना की जानकारी ली। योजना के तहत सभी किसानों के ऋण में छूट दिलाई और बची धनराशि के लिए सामाजिक लोगों से अपील की। 15 दिन में धनराशि का इंतजाम हुआ और बैंक में जमा कराया गया। सभी किसानों की जमीन एक सप्ताह में बैंक से बंधक मुक्त हो जाएगी।



इनका चुकाया ऋण
अमौली, सरसौल निवासी मृतक रविंद्र पुत्र मूलचंद ने 48,000 रुपये का लोन लिया था, जिसकी ब्याज सहित धनराशि 89,000 हुई। परिवार में पुत्र शनि है।
बलहापारा, पतारा निवासी मृतक गोधन ने 20,000 का लोन लिया था। ब्याज सहित धनराशि 39,000 हुई थी। परिवार में पुत्रियां कनक व गुंजन हैं।
मुंहपोहा, शिवराजपुर निवासी मृतक कन्हैया लाल ने 18,000 रुपये लोन लिया था। ब्याज सहित धनराशि 27000 रुपये हुई। पत्नी शिव प्यारी को अब जमीन मिल सकेगी।

हरदौली घाटमपुर निवासी रामवती पत्नी झेलम ने 30000 का लोन लिया था। ब्याज समेत धनराशि 60000 हो गई थी। परिवार में पुत्र प्रमोद कुमार है।




ये ऐसे किसान थे जो बहुत निर्धन हैं। इनके पास खुद की कोई जमीन नहीं बची थी। उनकी मजबूरी को देखते हुए मदद करने का निर्णय लिया। लोगों के सहयोग से बैंक में ऋण जमा करा दिया और सभी की जमीन बंधक मुक्त हो गईं। -जितेंद्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें