पैगंबर-ए-इस्लाम की पैदाइश के मौके पर उठने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी में डीजी नहीं बजाया जाएगा। इसके साथ ही बहुत ही अदब और एहतराम के साथ लोग शामिल होंगे। कुलहिंद जमीयतुल अवाम के राष्ट्रीय अध्यक्ष कानपुर शहर काजी मौलाना आलम रजा खां नूरी की अध्यक्षता में सोमवार को कुली बाजार में हुई संगठन की बैठक में कहा गया कि 12 रबीइल अव्वल को होने वाले कार्यक्रम में सभी शहरियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे किसी प्रकार की अफवाहें न उड़ें और अगर कोई समस्या होती है तो उसका तत्काल समाधान हो जाए।
बैठक में जमीयतुल अवाम के महामंत्री महबूब आलम खा ने बताया कि 20 नवंबर को जश्न चिरागां होगा और 21 नवंबर को जुलूस-ए-मोहम्मदी निकाला जाएगा। उन्होंने बताया कि जुलूस में शामिल होने वाली विभिन्न अंजुमनों से संपर्क किया जा रहा है। इसके साथ ही जश्न-ए-चिरागां का आयोजन करने वाले कमेटियों के साथ बैठक की जाएगी। मस्जिदों के पेश इमामों से विभिन्न क्षेत्रों में अपील की जाएगी कि लोग जुलूस में किसी तरह धूम-धड़ाका, डीजी आदि का इस्तेमाल न करें। संगठन के उपाध्यक्ष कारी मोहम्मद सगीर आलम हबीबी ने बताया कि जुलूस पूरी शान-शौकत के साथ सादगी से निकलेगा। बैठक में मौलाना अनीसुर्रहमान, मुफ्ती रफी अहमद, इस्लाम खां आजाद, अखलाक अहमद डेविड और अनस असद सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।