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UP: प्यार और विश्वास न होने पर 23 साल पुरानी शादी टूटी, की थी कोर्ट मैरिज; क्रूरता पर पति ने मांगा था तलाक

Sat, 03 Feb 2024 01:26 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

कानपुर में प्यार और विश्वास न होने पर 23 साल पुरानी शादी में तलाक हो गया। हिंदू युवक ने ईसाई युवती के साथ कोर्ट मैरिज की थी। पत्नी की क्रूरता पर पति ने तलाक मांगा था।
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पति ने लिया तलाक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पति-पत्नी का रिश्ता प्रेम व विश्वास का होता है और यही दोनों तत्व रिश्ते में नहीं हैं तो दोनों अपना स्वतंत्र जीवनयापन करें। न किसी को अपनी जान का खतरा हो और न ही सुरक्षा की चिंता। इसी टिप्पणी के साथ पारिवारिक न्यायालय की अपर प्रधान न्यायाधीश रेखा सिंह ने 23 साल पहले हिंदू युवक व ईसाई युवती के बीच हुए विशेष विवाह के मामले में तलाक का आदेश जारी कर दिया।
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शास्त्रीनगर निवासी हिंदू युवक ने सितंबर 2001 को ईसाई युवती के साथ कोर्ट मैरिज की थी। वर्ष 2022 में पति ने पत्नी से तलाक के लिए कोर्ट में वाद दाखिल कर दिया। इसमें कहा कि शादी से पहले युवती ने हिंदू धर्म अपनाने और उसी के तहत पूजा-पाठ करने का विश्वास दिलाया था। 

शादी के पांच साल तक सबकुछ ठीक चलता रहा लेकिन इसके बाद अचानक पत्नी के मायके वालों का ज्यादातर घर आना-जाना शुरू हो गया और उसने ईसाई धर्म के अनुसार कपड़े पहनने शुरू कर दिए। घर में ईसाई धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए बैठकें होने लगीं। 
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विरोध किया तो पत्नी ने उस पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव डाला। घर के कामकाज बंद कर दिए, खाना आदि देना भी बंद कर दिया। रिश्तेदार के घर रहने चली गई। बाद में समझौते के नाम पर मकान अपने नाम करने का दबाव डालने लगी।
 
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वहीं, पत्नी का तर्क था कि वह हिंदू धर्म के अनुसार ही रह रही है। आरोप लगाया कि पति शराब के नशे में मारपीट करता है। उसे छोड़कर दूसरा विवाह करना चाहता है। यहां तक कि गैर पुरुष से संबंध बनाने का भी दबाव डालता है। अधिवक्ता अनूप शुक्ला ने बताया कि पत्नी ऐसा कोई सबूत कोर्ट में पेश नहीं कर सकी और न ही उसने हिंदू धर्म अपनाने का कोई प्रमाण दिया।
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