कांग्रेस में जिला पंचायत चुनाव को लेकर घमासान तेज हो गया है। एक-एक सीट पर कई-कई दावेदार खड़े हो गए हैं। शनिवार को कुल 13 कांग्रेसियों ने जिला पंचायत सदस्य के लिए नामांकन किया, जिसमें कुछ सीटों पर दो से तीन लोगों ने पर्चा भरा है।
कांग्रेसी नेता ऐसा लोगों का देर रात तक ब्यौरा जुटाते रहे। पार्टी में गुटबाजी और खींचतान को खत्म करने के लिए राष्ट्रीय इकाई की तरफ से छत्तीसगढ़ कांग्रेस कमेटी के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र को पर्यवेक्षक बनाकर यहां भेजा गया है। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने से पूर्व ही शहर आए पर्यवेक्षक ने पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की।
इसके बाद चुनाव को लेकर चल रही गहमागहमी की जानकारी ली। फिलहाल पार्टी की तरफ से तय किया गया है कि अभी वह किसी को नामांकन से नहीं रोक रही है। इस बीच यह कोशिश की जा रही है कि एक सीट पर पार्टी की तरफ से एक ही उम्मीदवार नामांकन और बाकी लोग उसका समर्थन करें।
पार्टी में मचे घमासान की वजह से अभी तक कांग्रेस ने अपने प्रत्याशियों की सूची जारी नहीं की है। कहा जा रहा कि नाम वापसी के बाद जो लोग रह जाएंगे, उन्हीं में से प्रत्याशियों के नाम घोषित किए जाएंगे। एक दिन पहले जिला पंचायत सदस्य के प्रत्याशियों के संबंध में पूर्व सांसद राजाराम पाल से जब बात की गई तो उन्होंने बताया कि अभी 20-25 सीटों पर ही प्रत्याशियों के नाम सामने आ पाए हैं, बाकी के लिए कोशिश चल रही है। अब जो स्थिति सामने आ रही है, उससे यह लग रहा है कि पार्टी अभी प्रत्याशियों को लेकर किसी अंतिम नतीजे पर नहीं पहुंच पाई है।