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जानें, किस जिले से जुड़ी है ‘यादव’ परिवार की प्रतिष्ठा

Tue, 07 Feb 2017 10:52 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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यादव परिवार
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मुख्यमंत्री की पत्नी और सांसद डिंपल यादव का संसदीय क्षेत्र होने के कारण सपा की प्रतिष्ठा का केंद्र ये जिला बना हुआ है। विधानसभा चुनाव में विपक्षी दल सपा के इस ‘किले’ को फतह करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में कन्नौज जिले में समाजवादी पार्टी पर अपना दबदबा कायम रखने की चुनौती है। 
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डॉ. राममनोहर लोहिया, सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव, सांसद डिंपल यादव पर यहां की जनता ने भरोसा करके जिताकर संसद भेजा है। कन्नौज से अपनी राजनीति शुरू करने वाले अखिलेश यादव सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने। यहां की सीटों पर चुनाव में उनकी भी कड़ी परीक्षा होगी। पिछले लोकसभा चुनाव पर नजर डालें तो पूरे प्रदेश में मोदी की लहर के बावजूद सपा इस गढ़ को बचाने में कामयाब रहने के साथ ही जीती व हारी सीटों पर अपना जनाधार बढ़ाने में कामयाब रही। तिर्वा विधानसभा में ही सपा को हार का सामना करना पड़ा था। छिबरामऊ व कन्नौज विधानसभा में सपा ने जीत दर्ज की। विधूना विधानसभा में सपा को हार जबकि रसूलाबाद में सपा जीती थी।
 
वर्ष 2014 में सपा को मिला था अधिक वोट
कन्नौज। वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में यदि कन्नौज जिले की तीनों विधानसभा चुनाव की वर्ष 2012 की तुलनात्मक रिपोर्ट को देखा जाए तो सपा का तीनों सीटों पर जनाधार बढ़ा था।
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वर्ष 2012 में तिर्वा विधानसभा में सपा-78369
     2014 के लोकसभा चुनाव में सपा-84445
वर्ष 2012 के छिबरामऊ विधानसभा में सपा-70372
     2014 के लोकसभा चुनाव में  सपा-    125569
वर्ष 2012 के विधानसभा चुनाव में कन्नौज सदर में   सपा 95072
      2014 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज में        सपा 111272
 
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