किसी संपत्ति या बिजनेस का मालिकाना हक उनके पास नहीं था
वर्तमान में यह मकान नंबर 7/184 स्वरूपनगर है। इस बीच जेके समूह की जरूरतों को पूरा करने के लिए जेके कॉमर्शियल कॉरपोरेशन नाम की फर्म बनी। राधाकृष्ण सिंहानिया अपने जीवनकाल में जेके समूह की कई संपत्तियों के शेयर होल्डर थे। उन्होंने जेके कॉमर्शियल कॉरपोरेशन के भी 70 शेयर ले रखे थे। राधाकृष्ण के परपोते होने के नाते अद्वेतपत इन शेयर्स के मालिक बने। वहीं सोहनलाल सिंहानिया जेके समूह में एक कर्मचारी थे, जिन्हें कई संपत्तियों की देखरेख के लिए नियुक्त किया गया था। किसी संपत्ति या बिजनेस का मालिकाना हक उनके पास नहीं था।
भरत हरि सिंहानिया व अन्य के नाम से वाद दायर किया
सोहनलाल सिंहानिया की तीन बहुओं नई दिल्ली निवासी उमादेवी सिंहानिया, स्वरूपनगर निवासी बीना कुमारी सिंहानया व गुरुग्राम हरियाणा निवासी रागिनी सिंहानिया ने सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में उमादेवी सिंहानिया व अन्य बनाम भरत हरि सिंहानिया व अन्य के नाम से वाद दायर किया। विपक्षियों की सहमति पर सात मई 2022 को कोर्ट ने उमादेवी व अन्य के पक्ष में आदेश व डिक्री पारित करते हुए उन्हें स्वरूपनगर स्थित बंगले का मालिक घोषित कर दिया।
उनके हिस्से को भी बिना उनकी मर्जी के बेच दिया गया
इसी आदेश के आधार पर तीनों बहुओं ने मिलकर बंगले को व्यापारी सूटरगंज निवासी गौरव महेश्वरी व किदवईनगर एम. ब्लॉक निवासी शरद अग्रवाल को 12 दिसंबर 2022 को 25.33 करोड़ रुपये में बेच दिया। अद्धेतपत ने अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार अग्रिहोत्री के माध्यम से दायर वाद में यह दावा किया है कि वे लाला जुग्गीलाल के वंशज हैं। जेके समूह के शेयर होल्डर हैं और उन्हें मुकदमे में बिना पक्षकार बनाए फर्जीवाड़ा कर कोर्ट को गुमराह करते हुए सोहनलाल की बहुओं ने बंगले के मालिकाना हक संबंधी डिक्री कोर्ट से पा ली और आपस में मिलकर संपत्ति को बेच दिया। उनके हिस्से को भी बिना उनकी मर्जी के बेच दिया गया।
मुकदमे में बनाए गए हैं यह 36 पक्षकार
सोहनलाल सिंहानिया की बहू उमादेवी, बीना कुमारी व रागिनी, सूटरगंज निवासी गौरव महेश्वरी, किदवईनगर एम. ब्लॉक निवासी शरद अग्रवाल, लक्ष्मीपत सिंहानिया के बेटे भरत हरि व रघुपति, श्रीपत सिंहानिया की पत्नी विनीता, उनके बेटे अंशुमान व श्रीवत्स, डॉ. गौरहरि सिंहानिया की पत्नी सुशीला, यदुपति सिंहानिया की पत्नी कविता, गोविंद हरि सिंहानिया की पत्नी मनोरमा व बेटे अभिषेक, गोपालकृष्ण सिंहानिया की पत्नी कल्पना, बेटे रमापति व निधिपति, कैलाशपति सिंहानिया के बेटे डॉ. विजयपत, डॉ. विजयपत की पत्नी आशा देवी, बेटे मधुरपति व गौतम हरि, अजयपत सिंहानिया की पत्नी वीना देवी, बेटे अनंत व अक्षयपत, सोहनलाल सिंहानया के बेटे सीताराम, सीताराम के बेटे अरविंद, अरविंद की पत्नी अर्चना, बेटे आयुष वर्धन व जयवर्धन, ललितकुमार सिंहानिया के बेटे अनुराग कुमार, अनुराग की पत्नी श्रद्धा व बेटी अपूर्वी, सोहनलाल के बेटे दीपक, दीपक के बेटे अनिरुद्ध सिंहानिया व बेटी गायत्री गुप्ता और कानपुर विकास प्राधिकरण।