कानपुर। राज्यस्तरीय प्रतियोगिता खेलने झांसी पहुंची कानपुर की बॉक्सिंग टीम को रिंग में उतरने का मौका तक नहीं मिला। कानपुर एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन और ग्रीनपार्क की बॉक्सिंग कोच के बीच विवाद का खामियाजा खिलाड़ियों को भुगतना पड़ा। जरूरी पत्र पर हस्ताक्षर न होने से खिलाड़ी एक भी पंच मारे बिना ही कानपुर लाैट आए।
प्रतियोगिता के लिए 19 सितंबर को टीम का चयन हुआ था। इसके बाद टीम 30 सितंबर को झांसी पहुंची। प्रतियोगिता एक से चार अक्तूबर तक झांसी के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में हो रही है। खिलाड़ियों का आरोप है कि प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी की ओर से जारी होने वाला जरूरी पत्र हस्ताक्षरित नहीं था। पत्र के अभाव में उन्हें प्रतियोगिता में खेलने की अनुमति नहीं मिली और पूरी टीम को वापस लौटना पड़ा।
खिलाड़ियों का कहना है कि चयन के बाद जरूरी दस्तावेज प्रशिक्षक के व्हाट्सएप और कार्यालय में उपलब्ध थे। ऐसे में 19 सितंबर को चयन होने के बाद 30 सितंबर तक दस्तावेजों की जांच, सत्यापन और जरूरी पत्र पर हस्ताक्षर की प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की गई। खिलाड़ियों का कहना है कि चयन और प्रतियोगिता के बीच पर्याप्त समय होने के बावजूद यदि प्रशासनिक या दस्तावेजों के स्तर पर चूक हुई है तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न आए।
सचिव और कोच के दावे अलग-अलग
क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी का पत्र नहीं था
ट्रायल के दौरान कोच कागजात जमा कराने के लिए क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी के कार्यालय गई थीं। टीम को झांसी भेजा गया लेकिन वहां क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी का पत्र उपलब्ध नहीं होने के कारण खिलाड़ियों को वापस लौटना पड़ा। - संजीव दीक्षित, सचिव, जिला बॉक्सिंग एसोसिएशन
खिलाड़ियों के बढ़ा दिए नाम
सचिव ने मनमाने तरीके से चयन किया और टीम में कई खिलाड़ियों के नाम बढ़ा दिए। इसके चलते चयन प्रक्रिया और टीम के दस्तावेज तैयार करने की जिम्मेदारी को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। - अल्पना शर्मा, बॉक्सिंग कोच
वर्जन
फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत
विभाग को एसोसिएशन की ओर से पत्रावली पूरी करके नहीं दी गई थी और कई खिलाड़ियों को जरूरी प्रमाणपत्र नहीं मिले थे। बिना विभाग के पत्र मिले एसोसिएशन ने टीम को खेलने भेज दिया। टीम के चयन में बॉक्सिंग कोच की ओर से फर्जी हस्ताक्षर की शिकायत हुई है। विभाग हर खिलाड़ी को प्रतियोगिता में जाने से पहले किट देता है। एसोसिएशन बिना सूचना दिए और बिना किट के टीम कैसे ले गई इसकी जांच की जाएगी। - कर्मवीर सिंह, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी ग्रीनपार्क