जीएसटी का मतलब क्या है..? यह अभी तक कई लोगों के लिए केवल सवाल ही बनकर रह गया है जबकि आने वाली 1 तारीख से देशभर में यह लागू हो जाएगा ऐसे में इसे समझना अनिवार्य हो गया है। जीएसटी को समझने में हमारी ये खबर आपकी मदद कर सकती है...
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जीएसटी का मतलब है, ऐसा कानून जिससे व्यापारियों को व्यापार करने की सुविधा हो, आसानी से व्यापार करने की सुविधा हो। एक विद्वान को भी इस कानून को पढ़ने और समझने में वक्त लगेगा। तो एक साधारण आदमी जब इसको पढे़गा तो किस कठिनाईयों में वो गुजरेगा यह जवाब तो सरकार को तभी मिलेगा जब साधारण आदमी मुश्किल में पडे़गा। बेहतर होगा कि हम इसे अभी समझ लें।
इसे समझने के लिए कानपुर में एक नई तरकीब निकाली गई है। सेल्स टैक्स बार एसोसिएशन शुक्रवार से रोजाना सदस्यों को गुड्स एंड सर्विसेज एक्ट (जीएसटी) के प्रावधानों की जानकारी ग्रुप डिस्कशन के जरिए देगी।
बृहस्पतिवार को लखनपुर स्थित कार्यालय में आयोजित जीएसटी अध्ययन गोष्ठी में यह फैसला लिया गया। गोष्ठी में डिजिटल माध्यमों के जरिए एसोसिएशन के सदस्यों को जीएसटी का अध्ययन कराया गया। इसके लिए यूट्यूब वीडियो और प्रोजेक्टर की सहायता ली गई। गोष्ठी में बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
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एसोसिएशन अध्यक्ष एके निगम ने बताया गया कि जीएसटी अब दरवाजे पर है और अधिवक्ताओं की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। इसलिए अब लगभग हर रोज एसोसिएशन अपने सदस्यों के लिए ग्रुप डिस्कशन का आयोजन करेगी। इसमें जीएसटी के विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी।
महामंत्री देवेंद्र डंग ने बताया कि गोष्ठी में 30 जून को क्लोजिंग स्टॉक पर आईटीसी पर चर्चा हुई। इस विषय पर वीडियो के जरिए विशेषज्ञों से जानकारी ली गई। तीन अलग-अलग वीडियो में केस स्टडी के माध्यम से समझाया गया कि किस प्रकार से 30 जून को बचे हुए क्लोजिंग स्टॉक का आईटीसी जीएसटी में क्लेम कर पाएंगे।
गोष्ठी के संयोजक एचडीएफसी बैंक, गोविंद नगर ब्रांच के मैनेजर तरुण करना ने बताया कि बैंक डिजिटाइजेशन की ओर अग्रसर है और उन्होंने बैंकिंग के लिए रोबोट्स का एक्सपेरिमेंट शुरू कर दिया है। पीएम चौधरी, सुनील त्रिवेदी, विमल कटिहार, आलोक तिवारी आदि रहे।