चित्रकूट। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) की राष्ट्रीय चिंतन बैठक के दो दिन पूर्व ही मंगलवार की सुबह संघ प्रमुख मोहन भागवत धर्मनगरी पहुंचे। चित्रकूट के आरोग्यधाम परिसर में संघ के महाकौशल प्रांत के पदाधिकारियों ने उनका स्वागत किया। दिनभर इसी परिसर में कई चरणों में अलग अलग प्रांत प्रचारकों व राजनीतिक विशेषज्ञों के साथ बैठकें हुईं। वसुंधरा कॉटेज में संघ के महाकौशल व बुंदेलखंड-कानपुर प्रांत के 20 पदाधिकारियों के साथ दो घंटे तक बैठक की। हर बैठक में यूपी-एमपी सरकार के कामकाज पर चर्चा रही। संघ के पदाधिकारियों और सत्ताधारी नेताओं के बीच सामंजस्य की स्थिति, सरकारी योजनाओं का जनता तक पहुंचने की स्थिति पर विचार किया। आठ जुलाई से राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदाधिकारियों के साथ वृहद बैठक में आगामी योजनाओं पर चिंतन किया जाएगा।
मंगलवार की सुबह दिल्ली से संपर्क क्रांति एक्सप्रेस के एसी कोच से चित्रकूटधाम कर्वी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर जैसे ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ प्रमुख उतरे तो वहां पहले से मौजूद महाकौशल प्रांत व कानपुर-बुंदेलखंड प्रांत के पदाधिकारियों ने पुष्प गुच्छ देकर उनका स्वागत किया। चित्रकूट जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने भी रेलवे स्टेशन और आरोग्यधाम मप्र में सतना कलेक्टर अजय कटेसारिया ने उनका स्वागत किया। नया गांव थाना चित्रकूट सतना मप्र अंतर्गत आरोग्यधाम परिसर के विशेष कॉटेज में संघ प्रमुख को ठहराया गया है। इसी परिसर में उन्होंने सबसे पहले आरएसएस की शाखा में ध्वज प्रणाम किया। मंदाकिनी नदी में स्नान पर पूजन किया और इसके बाद परिसर में ही पं. दीनदयाल उपाध्याय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि पं. उपाध्याय के बताये रास्ते पर ही चलने से संघ और देश का कल्याण होगा।
बेहद कड़ी सुरक्षा व गुप्त एजेंडे के साथ दोपहर बाद तीन चरणों में उन्होंने संघ के अलग अलग पदाधिकारियों के साथ बैठक कर यूपी एमपी सरकार और संगठन के बारे में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की। वसुंधरा कॉटेज में संघ के महाकौशल व बुंदेलखंड-कानपुर प्रांत के 20 पदाधिकारियों के साथ दो घंटे तक बैठक की। जानकारों के अनुसार इस बैठक में संघ के संघीय ढांचे को और मजबूत बनाने और आमजन तक संदेश पहुंचाने के लिए काम करने पर जोर दिया गया। सारा ध्यान आगामी विधान सभा चुनाव की तैयारियों को लेकर लगाने के निर्देश दिए। इसके लिए अलग अलग समय पर कई अभियान चलाने और इसकी जिम्मेदारी बांटकर समीक्षा करने की योजना बनाई गई। सभी से सुझाव भी मांगे गये हैं।