यूपी में कानपुर शहर का एक एेसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। यहां घर के अंदर बने तहखाने में हड्डियों के अवशेष, मोजे व चूड़ी बरामद हुई। जानें पूरा मामला...
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आरोपी से पूछताछ करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र में प्रापर्टी डीलर रणविजय सिंह की हत्या के मुख्य आरोपी जगदंबा ने सात साल पहले अपनी बहन आशा उर्फ डॉली की हत्या भी की थी। मकान के भीतर बने तहखाने में उसका शव दफनाया था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने खुदाई कराई तो गुरुवार को 12 फीट गहरे गड्ढेे में हड्डियों के अवशेष, मोजे व चूड़ी बरामद हुईं।
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घटना स्थल पर मिले चूड़ी के टुकड़े
- फोटो : अमर उजाला
फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य एकत्र किए। सीओ अजीत सिंह ने बताया कि आशा का कालोनी के संतोष से प्रेम संबंध थे। इसका पता चलने पर जगदंबा ने वर्ष 2011 में उसकी हत्या कर शव को मकान के पिछले हिस्से में बने तहखाने में छिपा दिया था।
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घर के बाहर मौजूद क्षेत्रियों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2013 में शव को निकालकर डपकेश्वर घाट पर जला दिया था, लेकिन शव के अवशेष और कपड़े रह गए थे। जिन्हें गुरुवार को बरामद कर लिया गया। वहीं, जगदंबा ने पुलिस को बहन के फांसी लगाने की बात कहकर गुमराह करने की कोशिश की। जगदंबा ने संतोष पर अपनी बहन के अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की विवेचना में संतोष को क्लीन चिट मिल गई थी।
रणविजय की हत्या का खुलासा होने के बाद गुरुवार को जगदंबा की निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड बरामद कर ली। सीओ अजीत सिंह ने बताया कि जगदंबा ने रणविजय की हत्या किए जाने की बात कबूल की है। हत्या मेें उसके साथ चमनप्रकाश और पानू भी थे। पानू की तलाश में टीमें लगी हैं।