कानपुर के काकादेव में सगे भाइयों की सनसनीखेज हत्या का पुलिस ने 24 घंटे में खुलासा कर दिया। रविवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि मुख्य आरोपी फरार है। वारदात में शामिल आरोपियों में दो नेपाल के हैं, जिसमें एक पकड़ा गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने मां-बहन के लिए गंदी बात की, तो दोनों को मार डाला था। एक आरोपी 12वीं का छात्र है जबकि दूसरा बीएससी करने केसाथ ही एसएससी की तैयारी कर रहा है।
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एसपी पश्चिम संजीव सुमन ने कार्यालय में प्रेसवार्ता करके बताया कि हत्या में काकादेव चंदेल चौराहे के आकाश और पुरानी बस्ती के शुभम दिवाकर को गिरफ्तार किया गया है। एम ब्लॉक, काकादेव में रहने वाला मुख्य आरोपी अमर थापा फरार है। आरोपी आकाश ने बताया कि वारदात वाले दिन अमर थापा की शादी की सालगिरह थी। इसलिए तीनों दोस्तों ने एक साथ शराब पी और फिर पैदल मॉल के लिए चल दिए। ओम चौराहे पर कार सवार सगे भाई प्रिंस और मोनू सिंह ने बगल में आकर कार लगा दी। कार प्रिंस चला रहा था।
मॉल जाने की बात कहते दोनों ने छोड़ने के लिए कहकर कार में बैठा लिया
उनके मॉल जाने की बात कहते दोनों ने छोड़ने के लिए कहकर कार में बैठा लिया। वहां से सभी केशव वाटिका पहुंचे, जहां से मोनू ने किसी से पैसे लिए। फिर प्रिंस ने अमर थापा से कार में पेट्रोल डलवाने को कहा। अमर ने पैसे न होने की बात कही तो दोनों भाइयों ने अमर और उनकी मां-बहनों को लेकर गंदी बात शुरु कर दी। कुछ देर तक तीनों ने बर्दाश्त किया, लेकिन फिर कार में ही हाथापाई शुरु हो गई। अमर थापा ने मोनू की गर्दन दबा दी, जिससे वह झटपटाने लगा तो प्रिंस ने कार स्वराज इंडिया के पास रोक दी और कार से उतरकर भागने की कोशिश की तो अमर मोनू को छोड़कर उसके पीछे दौड़ पड़ा।
अमर ने ईंट उठाकर प्रिंस के सिर पर दे मारी, जिससे वह बेहोश होकर वहीं गिर गया। फिर वापस आकर कार में मोनू के सिर पर ईंट से वार करके उसे मौत के घाट उतारा। फिर अमर के कहने पर तीनों लोग दोनों भाई को खाली प्लाट में बने कमरे में ले गए। प्रिंस की सांस चल रही थी तो अमर ने उसे ईंट से कूचकर मार डाला।
इसके बाद प्लाट में पहले से खुदे गड्ढे में दफना करके भाग गए। एसपी ने बताया कि खुलासे में एडीजी की क्राइम ब्रांच प्रभारी अजय कुमार अवस्थी और काकादेव इंस्पेक्टर राजीव सिंह की अहम भूमिका रही है। सगे भाइयों की हत्या में पकड़ा गया आकाश 12वीं का छात्र है। जबकि शुभम दिवाकर बीएससी करने केसाथ ही एसएससी की तैयारी कर रहा है।
कैब लेकर पहुुंच गए थे लखनऊ
सगे भाइयों को मौत के घाट उतारने के बाद तीनों कैब करके लखनऊ पहुंच गए, जहां रातभर यहां-वहां टहलते रहे। इसके बाद तीनों बस से झकरकटी बस अड्डे पर उतरकर टेंपो से घर के पास पहुंचे थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। अमर थापा पकड़ में नहीं आया।
प्रीतम सिंह के प्लाट में रहता था अमर
आरोपी आकाश ने बताया कि अमर थापा और उसका परिवार पहले प्रीतम सिंह के खाली प्लाट में बने कमरे में रहता था। अब थापा परिवार सहित एम ब्लॉक, काकादेव में रह रहा था। अमर को प्लाट की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी थी। पहले से गड्ढा खुदा हुआ मिलने के साथ ही वहां पर फावड़ा भी रखा था, जिसके हाथ लगने के बाद उन्होंने दोनों भाइयों को गाड़ करके मिट्टी से पाट दिया था।
गीली मिट्टी में छूट गए पैरों के निशान
एसपी पश्चिम संजीव सुमन ने बताया कि वारदात की जानकारी के बाद एसएसपी अनंत देव ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया तो उन्हें प्लाट की गीली मिट्टी में कुछ पैरों के निशान मिले थे। पहली बार हुई खुदाई के बाद कुछ भी नहीं मिलने से उन्हें विश्वास नहीं हुआ। उनके कहने पर ही दोबारा खुदाई करवाई गई तो दोनों भाइयों के शव बरामद हो गए।