पनकी के शिवालिक अपार्टमेंट में गुरुवार को मिले दो युवतियों के शव सगी बहनों के नहीं, बल्कि सहेलियों के थे। क्राइम सीन दोहराने के दौरान एक डायरी में मिले सुसाइड नोट से पता चला कि हार्ट अटैक से प्रेमी की मौत के बाद से दोनों युवतियां डिप्रेशन में थीं। सुसाइड नोट में उन्होंने प्रेमी की मौत से क्षुब्ध होकर सुसाइड करने की बात लिखी थी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि दोनों युवतियां बर्रा में किराए के मकान में प्रेमी के साथ रहती थीं।
पनकी के शिवालिक अपार्टमेंट में गुरुवार को दो युवतियों ने फांसी लगाकर जान दे दी थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मेें शव करीब 10 दिन पुराने होने की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने मौके से मिले आधार कार्ड के आधार पर उनकी पहचान रिंकी शुक्ला और आभा शुक्ला के नाम की सगी बहनों के रूप में की थी, लेकिन कोई दावेदार ना आने पर पुलिस ने दोनों शवों का अज्ञात में अंतिम संस्कार कर दिया था। पुलिस मौके से मिले सबूतों के आधार पर बर्रा स्थित एक स्कूल पहुंची जहां दोनों युवतियां पारूल सक्सेना और जामिनी दुबे के नाम से पढ़ाती थीं। पुलिस ने स्कूल से उनके कागजात खंगाले तो उन्हें दोनों युवतियों की एमसीए की मार्कशीट मिली जो बर्रा के एक सेंटर की थी। इसके बाद पुलिस ने मार्कशीट के आधार पर उनकी असली पहचान मकरावर्टगंज, कर्नलगंज निवासी पारूल सक्सेना (मूलरूप से इटावा निवासी) और हरदोई के अतरौली निवासी जामिनी दुबे के रूप के में की।
हेड कांस्टेबल की बेटी और उसकी सहेली
जामिनी सीतापुर में तैनात पीएसी हेडकांस्टेबल की बेटी थी। उन्होंने फोटो और कपड़े के आधार पर जामिनी और उसकी सहेली पारूल की शिनाख्त की। पनकी एसओ विनोद कुमार ने बताया कि मृतका जामिनी और पारूल ने एक साथ ही बर्रा स्थित एक सेंटर से एमसीए किया था। दोनों पीरोड निवासी नवीन मिश्रा से प्रेेम करती थीं। तीनों बर्रा स्थित किराए के मकान में भाई बहन बनकर रह रहे थे। नवीन की जनवरी में हार्ट अटैक से मौत हो जाने के चलते दोनों तनाव में हो गई थीं।
सुसाइड नोट में खुद को बताया मौत का जिम्मेदार
नवीन की मौत के बाद हम लोग एकदम अकेले हो गए हैं। अब हमारा कोई सहारा नहीं बचा है। इसलिए हमलोग स्वेच्छा से आत्महत्या कर रहे हैं। एक कापी में यह सुसाइड नोट लिखकर दोनों युवतियों ने आत्महत्या कर ली थी।