कानपुर। एससीएसटी एक्ट के एक मुकदमे में न्यायिक अभिरक्षा मांगने के लिए पुलिस अधिवक्ता दीनू उपाध्याय को गुरुवार शाम सोनभद्र जेल से कड़ी सुरक्षा में कानपुर लाई। विशेष न्यायाधीश एससीएसटी एक्ट के अवकाश पर होने के कारण प्रभारी न्यायाधीश अपर जिला जज अष्टम की अदालत में दीनू की पेशी हुई, जहां से उसकी नौ जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत मंजूर हो गई।
नवाबगंज निवासी विनय कुमार ने अधिवक्ता धीरज उपाध्याय, उसके भाई संजय व रेनू और मनु के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप लगाया था कि 22 नवंबर 2018 की शाम रेनू के झगड़ा करने पर विनय ने उसे डांटा था। इसके बाद रात में जब वह कूड़ा फेंकने घर से निकले तो यह लोग जबरन उन्हें बाइक पर बैठाकर अपने घर ले गए। बंधक बनाकर रखा। जातिसूचक गालियां दीं, मारापीटा और जान से मारने की कोशिश की। इसी मुकदमे में आरोपी दीनू को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के लिए विवेचक ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया। पिछले दिनों ही दीनू को कानपुर से सोनभद्र जेल स्थानांतरित किया गया है। (संवाद)