फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur News: दीनू गैंग का सदस्य अधिवक्ता धर्मू यादव जेल से रिहा

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर। दीनू उपाध्याय गैंग के सदस्य अधिवक्ता धर्मेंद्र यादव उर्फ धर्मू की मंगलवार देर शाम जेल से रिहाई हो गई। अपहरण व डकैती के मुकदमे में धर्मू को 25 जुलाई को ही जमानत मिल गई थी, लेकिन पुलिस जमानतगीरों की सत्यापन रिपोर्ट नहीं भेज रही थी। इसकी वजह से रिहाई अटकी थी। सीजेएम कोर्ट के आदेश पर धर्मेंद्र का रिहाई का परवाना जेल भेजा गया जिसके बाद उसकी रिहाई हो सकी।
विज्ञापन


धर्मेंद्र के खिलाफ कई थानों में मुकदमे दर्ज थे। पिछले दिनों चकेरी थाने में दर्ज डकैती के मुकदमे में पुलिस ने धर्मेंद्र को गिरफ्तार पर जेल भेजा था। कुछ मुकदमों में जेल जाने से पहले ही धर्मेंद्र को जमानत मिल चुकी थी। बिधनू थाने में दर्ज एक मुकदमे में धर्मेंद्र को क्लीनचिट मिल चुकी थी। हरबंशमोहाल थाने में दर्ज मुकदमे में भी धर्मू को जमानत मिल गई थी। सिर्फ डकैती के मुकदमे का पेच फंसा था। इसमें भी 25 जुलाई को सेशन कोर्ट से धर्मू की जमानत स्वीकार हो गई थी। एक-एक लाख की दो जमानतें दाखिल करनी थीं। धर्मेंद्र की ओर से उनकी पत्नी किरन और एक अधिवक्ता अनुराग सिंह यादव ने जमानतें दाखिल कीं। बैंक से रिपोर्ट आ चुकी थी, लेकिन थाने से रिपोर्ट नहीं आई थी। धर्मेंद्र के अधिवक्ता ने कोर्ट में अर्जी देकर धर्मेंद्र और उसकी मां की बीमारी का हवाला दिया। कोर्ट ने माना कि अभियुक्त का पता पुलिस तस्दीक कर चुकी है। उनकी पत्नी और अधिवक्ता के फरार होने की संभावना नहीं है, इसलिए उसे रिहा किया जा सकता है। सीजेएम सूरज मिश्रा ने धर्मेंद्र को वचन पत्र और निजी मुचलका दाखिल करने पर रिहा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि अगर जमानतगीरों के सत्यापन में कोई कमी होती है तो वह कोर्ट में आत्मसमर्पण करेगा। जेल अधीक्षक बीडी पांडेय ने बताया कि धर्मू यादव की मंगलवार देर शाम रिहाई हो गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें