पुखरायां/रसूलाबाद (कानपुर देहात)। भोगनीपुर तहसील क्षेत्र में कृषि विभाग के कई भवन जर्जर स्थिति में हैं। इनमें उप संभागीय प्रसार अधिकारी कार्यालय, राजकीय बीज भंडार गृह और कृषि रक्षा इकाई संचालित हैं। जर्जर हो चुके भवनों के बरसात में टपकने से बीज भीग कर खराब होता है। उसके अलावा इसमें कार्यरत कर्मचारियों और बीज, दवा आदि लेने आने वाले किसानों की जान भी जोखिम में है।
कृषि विभाग के भवनों की बृहस्पतिवार को संवाद न्यूज एजेंसी ने पड़ताल की तो विभागीय अधिकारियों की अनदेखी सामने आई। पुखरायां मंडी मोड़ किनारे भोगनीपुर तहसील का उप संभागीय प्रसार अधिकारी कार्यालय और मलासा ब्लॉक का डीघ गांव स्थित राजकीय बीज भंडार गृह काफी जर्जर हालात में मिला। स्थानीय लोगों ने बताया कि हर बरसात में इसका कोई न कोई भाग गिरता जरूर है। अब यह भवन खंडहर होकर जमींदोज होने की स्थिति में है। ऐसे में यहां बैठने वाले कर्मचारी और किसानों के लिए खतरा बना हुआ है। वहीं, रसूलाबाद राजकीय कृषि बीज भंडार की इमारत भी जर्जर है।
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सीन 1-
फोटो-23- पुखरायां स्थित उप संभागीय प्रसार अधिकारी का जर्जर कार्यालय भवन। संवाद
मीटिंग हॉल की दीवारों में दरारें पुखरायां स्थित उप संभागीय प्रसार अधिकारी कार्यालय में कोई संभागीय अधिकारी की तैनाती नहीं है। यहां पहुंचने पर बाहर किसान रामकिशुन, सर्वेश, हेमलता खड़े मिले। अंदर जर्जर भवन के एक हिस्से में विषय वस्तु अधिकारी हरिओम बैठे मिले। आगे कंप्यूटर कक्ष में किसान केवाईसी करा रहे थे। बगल में बने मीटिंग हॉल की दीवारों में दरारें नजर आईं। छत पूरी तरह क्षतिग्रस्त है।
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सीन 2-
फोटो-24- डीघ स्थित राजकीय बीज भंडार के जर्जर भवन में बीज लेने के लिए बैठे किसान। संवाद
क्षतिग्रस्त गोदाम में रखा जा रही बीज मलासा ब्लॉक के राजकीय बीज भंडार डीघ में भवन के आगे के हिस्से में छत का प्लास्टर गिरा दिखा। नीचे किसान बीज लेने के लिए बैठे मिले। बगल में दीवार में मोटी दरारें मिलीं। क्षतिग्रस्त गोदाम में बीज रखा था। मौजूद किसानों ने बताया कि अधिक बारिश होने पर बीज खराब होने का खतरा है और पीछे से कब ढह जाए कुछ पता नहीं है। प्रभारी जैनेंद्र सिंह ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने मरम्मत के लिए ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को पत्राचार किया है।
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सीन 3-
फोटो-25- डीघ स्थित कृषि रक्षा इकाई का जर्जर भवन। संवाद
कृषि रक्षा इकाई में भी दरार
कृषि रक्षा इकाई डीघ का कार्यालय बाहर से जर्जर मिला जबकि अंदर साफ-सफाई नजर आई। इंचार्ज संदीप कुमार बैठे मिले। उसी हॉल में सुरक्षा के लिहाज से गत्तों में दवाइयां रखी मिलीं। इंचार्ज ने बताया कि ऊपरी हिस्से की तरफ दरार है। दीवार और छत की मरम्मत हो जाए तो मजबूती आ सकती है। हादसे का डर रहता है।
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केस चार
फोटो- 3 राजकीय कृषि बीज भंडार रसूलाबाद का जर्जर भवन। संवाद
बारिश में टपकती है बीज भंडार की छत
रसूलाबाद राजकीय कृषि बीज भंडार की इमारत जर्जर मिली। यहां कर्मी सिर पर मंडराते खतरे के बीच काम करते मिले। वर्ष 1977 में बना यह भवन जर्जर है। कुछ हिस्सा ढह चुका है। दीवारें और छत जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हैं। बारिश में छतें टपकती हैं। कार्यरत कर्मचारियों व बीज लेने आने वाले किसानों को डर सताता रहता है। केंद्र प्रभारी सुधीर ने बताया कि भवन काफी पुराना है और जर्जर है। यहां किसान कल्याण भवन स्वीकृत हो चुका है और शीघ्र ही उसके निर्माण का कार्य शुरू कराया जाएगा। बताया कि वर्तमान भवन के हॉल की मरम्मत कराने के लिए कृषि निदेशक को पत्र भेजा गया है।
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बयान...
किसान कल्याण केंद्र को रिपोर्ट बनाकर भेजी गई है। जैसे ही संस्तुति हो जाती है। वैसे ही भवन निर्माण का कार्य शुरू करा दिया जाएगा। - प्राची पांडेय, जिला कृषि अधिकारी