कानपुर। मोबाइल बैंकिंग, इंटरनेट बैंकिंग और डिजिटल भुगतान प्रणालियों ने ग्राहकों के बैंक से जुड़ने के तरीके में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। बैंकिंग सेवाओं की सरलता, गति और सुविधा ने बैंकों की शाखाओं में ग्राहकों की भीड़ को काफी कम कर दिया है। यह अध्ययन सीएसजेएमयू के अर्थशास्त्र विभाग के शोधार्थी रजत दीक्षित ने किया है। अध्ययन शहर के भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के ग्राहकों पर केंद्रित था।
अध्ययन के अनुसार, डिजिटल माध्यमों के बढ़ते उपयोग से ग्राहकों की शाखाओं पर निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है। अधिकांश बैंकिंग लेनदेन अब घर बैठे ही संपन्न हो पा रहे हैं जिससे समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। यह परिवर्तन वित्तीय समावेशन और डिजिटल इंडिया जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रमों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अध्ययन में डिजिटल बैंकिंग से जुड़ी चुनौतियों को भी उजागर किया गया है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों और नए उपयोगकर्ताओं के बीच डिजिटल साक्षरता की कमी और साइबर सुरक्षा संबंधी चिंताएं प्रमुख बाधाएं हैं। अध्ययन में इन वर्गों के लिए जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने का सुझाव दिया गया है। डॉ. पीएस त्रिपाठी के मार्गदर्शन में हुए इस अध्ययन को बैंकों, नीति-निर्माताओं और आम जनता के लिए उपयोगी बताया गया है।