निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी दल अपनी- अपनी स्थिति मजबूत करने में लगे हैं। मंगलवार को कानपुर में निकाय चुनाव प्रत्याशियों की फाइनल लिस्ट जारी करने में बीजेपी के अंदरखाने में मची घमासान काफी चर्चा का विषय बनी रही...
पार्षद और महापौर सीट के प्रत्याशियों के नाम पर भाजपा में दिनभर खींचतान रही। क्षेत्रीय प्रभारी विजय बहादुर पाठक, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री ओमप्रकाश और क्षेत्रीय अध्यक्ष मानवेंद्र सिंह मंगलवार को पार्टी के विधायकों और जिलाध्यक्षों की तरफ से बनाई गई दावेदारों की सूची में उलझे रहे। कभी विधायकों का पलड़ा भारी हो जाता तो कभी जिलाध्यक्षों का। सूची बनाने में शहर के दो कैबिनेट मंत्रियों का भी खूब दखल रहा। देर शाम तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई थी।
एक दिन पहले सोमवार को कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र की 33 नगर पालिकाओं और 63 नगर पंचायतों के प्रत्याशियों की प्राथमिक लिस्ट फाइनल करने के बाद मंगलवार सुबह क्षेत्रीय इकाई पहले होटल विजय विला में दावेदारों और पार्टी पदाधिकारियों से जूझती रही। करीब शाम छह बजे जिले से हर वार्ड में तीन से चार दावेदारों के नाम की सूची क्षेत्रीय इकाई तक पहुंची। इसके बाद शाम को साढ़े सात बजे से इसी सूची के आधार पर क्षेत्रीय इकाई पदाधिकारियों की गुप्त बैठक जरीब चौकी स्थित ब्रिज होटल में शुरू हुई।
पार्टी पदाधिकारियों ने बैठक का स्थान इसलिए बदल दिया, क्योंकि दावेदारों की भीड़ की वजह से किसी एक नाम पर फैसला लेना मुश्किल हो रहा था। बताया जा रहा है कि क्षेत्रीय इकाई की यह बैठक सभी 110 वार्डों के उम्मीदवार का नाम तय कर उसकी सूची प्रदेश इकाई को अंतिम मुहर लगाने को भेजेगी। इससे जाहिर है कि वार्डों के प्रत्याशियों का नाम पहली या फिर दो नवंबर तक घोषित हो सकते हैं। जबकि कानपुर और झांसी के महापौर प्रत्याशी के लिए तीन-तीन नाम प्रदेश इकाई को भेजे जा चुके हैं, इसमें एक नाम पर सहमति प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय और महामंत्री संगठन सुनील बंसल देंगे।