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Kanpur News: तीन साल की उम्र में चर्बी के जमाव से हो रही डायबिटीज

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कानपुर। शरीर में चर्बी का जमाव महामारी बन रही डायबिटीज की जड़ है। तीन से पांच साल की उम्र में ही बच्चों के शरीर में जम रही चर्बी डायबिटीज की नींव है। डायबिटीज का फैलाव रोकने के लिए बचपन से ही खानपान पर नियंत्रण रखना जरूरी है। ये बातें अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन की शिकागो में हुई कॉन्फ्रेंस में कही गईं।
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कॉन्फ्रेंस में शिरकत करके लौटे कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन के संरक्षक डॉ. बृजमोहन ने बताया कि इस बार कॉन्फ्रेंस का फोकस खानपान और व्यायाम पर रहा। कॉन्फ्रेंस का आयोजन 20 से 23 जून तक किया गया। डॉ. बृजमोहन ने बताया कि कॉन्फ्रेंस में दुनिया भर के 11 हजार मधुमेह रोग विशेषज्ञों ने शिरकत की। इसमें डायबिटीज के तेजी से फैलाव और रोगियों का आयु वर्ग लगातार नीचे आने पर चिंता व्यक्त की गई। किशोर और युवा डायबिटीज टाइप-2 की चपेट में आ रहे हैं।
कॉन्फ्रेंस के विभिन्न सत्रों में सबसे अधिक फोकस मोटापे पर रहा है। मोटापा डायबिटीज का बड़ा कारण बना रहा है। साथ ही डायबिटीज की नई दवाओं पर चर्चा हुई। कॉन्फ्रेंस में दो बिंदु उभर कर आए। एक तो तीन से पांच साल की उम्र में बच्चे मोटापा की गिरफ्त में आ रहे हैं। इसके साथ पुरुषों की तुलना में महिलाओं में अधिक मोटापा बढ़ रहा है। कॉन्फ्रेंस में भोजन में चर्बी बढ़ाने वाली चीजों का प्रयोग कम करने पर अधिक जोर दिया गया। शरीर में चर्बी के अधिक जमाव से इंसुलिन रेसिस्टेंट बढ़ जाता है। पैंक्रियाज के अलावा हृदय, लिवर आदि का जुड़ाव हो जाता है। इससे डायबिटीज के साथ रोगी सिंड्रोम एक्स की गिरफ्त में आ जाता है। कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि ऐसी दवाएं आ गई हैं जो डायबिटीज नियंत्रित करने के साथ दूसरे अंगों को खराब होने से बचाती हैं। ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया कि खानपान दुरुस्त रखकर और नियमित व्यायाम से रोग से बचाव किया जाए।
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गाइडलाइन
सप्ताह में पांच दिन कम से कम 30 से 50 मिनट वॉक करें
एक दिन छोड़कर रेसिस्टेंट एक्सरसाइज करें
बच्चे को अधिक वसायुक्त भोजन न दें
मोटा अनाज, रेशे वाली चीजें, ताजे फलों का इस्तेमाल करें
सॉफ्ट ड्रिंक के स्थान पर पानी का प्रयोग करें
प्रोसेस्ड और डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों के सेवन से बचें
डायबिटीज टाइप-5 पर चर्चा नहीं
कॉन्फ्रेंस में डायबिटीज टाइप-5 पर चर्चा नहीं हुई। डॉ. बृजमोहन ने बताया कि इस संबंध में कोई प्रस्ताव कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत नहीं किया गया। इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के डायबिटीज टाइप-5 को मान्यता देने के बाद यह माना जा रहा था कि प्रस्ताव एसोसिएशन की कॉन्फ्रेंस में भी रखा जाएगा।
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