102 रोगियों पर दो साल चला शोध
यह शोध 102 रोगियों पर किया गया। शोध दो साल तक चला। डॉ. विशाल कुमार गुप्ता का कहना है कि रोगी जितनी कैलोरी ले रहे थे, उन्हें उतनी ही कैलोरी दी गई। फर्क सिर्फ दो बार के खाने के बीच में किया गया। इसके चौंकाने वाले नतीजे आए हैं। रोगियों के लिपिड प्रोफाइल और ब्लड शुगर लेवल में छह महीने में कमी आ गई। इसके बाद स्थिति आगे भी नियंत्रित बनी रही। शोध से साबित है कि 24 घंटे में 16 घंटे का उपवास करके ब्लड शुगर लेवल के साथ मोटापा तथा लिपिड पर नियंत्रण रखा जा सकता है।
हर साल 20 फीसदी रोगी बढ़ते डायबिटीज के
हैलट की ओपीडी में हर साल डायबिटीज के 20 फीसदी नए रोगी पंजीकृत होते हैं। कम उम्र के रोगियों की भी संख्या बढ़ रही है। 30 से 40 साल आयु वर्ग में भी हाई ब्लड शुगर के रोगी आ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये वे रोगी हैं, जो दूसरी बीमारी के इलाज के लिए आए थे, जांच कराई गई तो हाई ब्लड शुगर निकली। इसके अलावा बहुत से रोगी प्रि डायबिटिक स्टेज में होते हैं।