कानपुर देहात। मिंडाकुआं-भवनपुर मार्ग किनारे शुक्रवार सुबह लापता ढाबा कर्मी का क्षतविक्षत शव पड़ा मिला था। शनिवार को हुए पोस्टमार्टम में गले की हड्डी टूटी मिली। इससे गला घोंटने की आशंका जताई गई है। घटना को लेकर पुलिस ने कई बिंदुओं पर छानबीन शुरू की है।
औरैया के जरहौलिया निवासी ढाबा कर्मी सुनील कुमार (45) पुत्र संतोष कुमार यादव के क्षतविक्षत शव का शनिवार को अकबरपुर में पोस्टमार्टम करवाया गया। जिसमें उनकी मौत का कारण थ्रोटलिंग (गला घोंटने) से बताया गया है। उसके गले की हड्डी टूटी मिली है। जबकि उनके दोनों हाथों व पैर के पंजों का मांस जानवरों ने नोच लिया था और कीडों ने चेहरा खा लिया था। इस दौरान उनके भाई पिता संतोष, भाई शैलेंद्र, बहन ममता, प्रीति, सोनू व परिजन सिसकते रहे। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए औरैया ले गए।
बता दें कि शुक्रवार सुबह 10 बजे के करीब रसूलाबाद थाना क्षेत्र के सलेमपुर महेरा निवासी किसान पप्पू दुबे के खेत में सुनील का क्षतविक्षत शव पड़ा मिला था। मौके पर आए भाई संजीव ने बताया था कि सुनील अविवाहित थे और गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। डेढ़ माह पहले उन्होंने इटावा के एक ढाबा पर काम करना शुरू किया था। 24 मई को भाई बेला निवासी बहन ममता के घर गए थे। वहां से 25 मई को वह सूखमपुर निवासी मौसी मीना देवी के घर जाने की बात कहकर निकले थे लेकिन भाई वहां नहीं पहुंचे। भाई बिना बताए कई दिनों के लिए घर से निकल जाते थे। इसके चलते परिजन ने उनकी तलाश नहीं की। थानाध्यक्ष एसएन सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। अभी तक परिजन की ओर से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।