हरदोई में पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने कहा है कि राज्य में दागी छवि के 380 पुलिसकर्मियों को जबरन सेवानिवृत्ति देने के बाद अब ऐसे पीपीएस और आईपीएस अफसरों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या मसले पर सुप्रीम कोर्ट के संभावित फैसले के मद्देनजर पुलिस की तैयारी पूरी है।
पूरा प्रदेश में सतर्कता है और शांति समितियों की बैठक के जरिये भी समन्वय के प्रयास हो रहे हैं। अगर किसी ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की तो उस पर एनएसए लगाने से भी परहेज नहीं करेंगे। रविवार को जिले के दौरे पर आए डीजीपी ने पत्रकारों से वार्ता में कहा कि अयोध्या मामले के फैसले को लेकर सतर्कता बरती जा रही है।
सभी डीएम और एसपी को निर्देशित किया गया है कि जनता से संपर्क बनाए रखें। किसी को कानून व्यवस्था से खिलवाड़ न करने दिया जाए। उन्होंने बताया कि इंटेलीजेंस पूरी तरह सक्रिय है। वालंटियर्स और पुलिसकर्मी हर जगह नजर रखे हैं।
पुलिस कर्मियों के वीकली ऑफ की व्यवस्था पर उनका कहना था कि इसका अध्ययन कर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में बाराबंकी और कानपुर नगर में प्रयोग किया गया है। सफल हुआ तो सभी जिलों में लागू करेंगे। बार्डर स्कीम लागू करने में कुछ कठिनाई आ रही है, लेकिन उसका अध्ययन विशेष कमेटी के माध्यम से किया जा रहा है।
पुलिस कल्याण के लिए साढ़े चौबीस हजार करोड़ रुपये का प्रावधान इस सरकार ने बजट में किया है। डीजीपी ने एसपी कार्यालय कक्ष में कराए गए जीर्णोद्धार का लोकार्पण किया। पुलिस लाइन में डिजिटल वालंटियर्स के साथ बैठक भी की।
उन्होंने प्रमुख राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्षों और जनप्रतिनिधियों से भी एसपी कार्यालय में मुलाकात की। इस दौरान डीएम पुलकित खरे, एसपी आलोक प्रियदर्शी, एडीएम संजय कुमार सिंह मौजूद रहे।