पान किसानों ने बयां किया दर्द
पान किसान चिंताहरण चौरसिया ने बताया कि पान की खेती लगातार घाटे का सौदा बनती जा रही है। पहले पाले से 30 फीसदी फसल बर्बाद हो गई थी। अब तेज हवाओं के साथ बारिश व ओलावृष्टि ने शत-प्रतिशत फसल चौपट कर दी है। नए सिरे से पौध लगाने में अधिक खर्च आता है। शासन-प्रशासन से मदद मिलनी चाहिए।
लालचंद्र ने बताया कि ओलावृष्टि से उनके बरेजे में करीब एक लाख का नुकसान हुआ है। हजारों की संख्या में पान टूटकर बर्बाद हो गए। शासन-प्रशासन को चाहिए कि पान की खेती का भी सर्वे कराकर मुआवजा दिया जाए। जिससे किसानों को कुछ राहत मिल सके।
ओलावृष्टि से पान की खेती को करीब 60 लाख का नुकसान हुआ है। दैवी आपदाओं का प्रकोप होने पर शासन से कोई सहायता नहीं मिलती और न ही बीमा राशि मिलती है। शासन-प्रशासन को पान की खेती को बढ़ावा देने के लिए अलग से योजना चलाना चाहिए और बीमा क्लेम में भी पान की खेती को शामिल करना चाहिए। पहले पान की खेती पाले से बर्बाद हुई और अब ओलावृष्टि ने पूरी फसल चौपट कर दी। - डॉ. रामसेवक चौरसिया, पूर्व प्रधान वैज्ञानिक, एनबीआरआई लखनऊ