कानपुर। यूपी मोटर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। कालातीत पदाधिकारियों की ओर से 21 सितंबर को कराए गए चुनाव को डिप्टी रजिस्ट्रार ने अस्वीकार कर दिया है।
चुनाव को डिप्टी रजिस्ट्रार के आदेशों का उल्लंघन और सोसाइटी रजिस्ट्रार के नियमों की अवहेलना बताया गया है। चुनाव डिप्टी रजिस्ट्रार खुद कराएंगे। वहीं नवनिर्वाचित एसोसिएशन के अध्यक्ष मनीष कटारिया का कहना है कि उन्हें किसी आदेश की जानकारी नहीं है।
डिप्टी रजिस्ट्रार पारसनाथ गुप्ता ने यूपीएमटीए के पदाधिकारियों को नियमों व संविधान का हवाला देते हुए कालातीत घोषित कर दिया था। इसके मुताबिक इस चुनाव को रजिस्ट्रार की ओर से ही कराया जाना था लेकिन कालातीत घोषित किए गए संस्था के पदाधिकारी नहीं माने और उन्होंने 21 सितंबर को चुनाव करवा लिए थे।
तीन नए पदाधिकारियों के नाम भी घोषित कर दिए थे। शिकायतकर्ता ट्रांसपोर्टर प्रवीण जैन और कालातीत महामंत्री मनीष कटारिया को जारी आदेश में कहा गया है कि संस्था के कालातीत अध्यक्ष और महामंत्री ने आदेशों का उल्लंघन करते हुए चुनाव कराए हैं।
वहीं आदेश के क्रम में अन्य ट्रांसपोर्टरों ने बैठक की। इसमें रजिस्ट्रार के आदेश को ट्रांसपोर्टरों के हित में सच्चाई की जीत बताया। कहा कि डिप्टी रजिस्ट्रार ने कालातीत महामंत्री को निर्देश दिया कि 16 सितंबर के आदेश का पालन करें।
बैठक में प्रवीण जैन, राकेश कुमार गुप्ता, श्याम शुक्ला, आदित्य तिवारी, अमरजीत सिंह सलूजा, हनुमान गुप्ता, श्याम गर्ग, लवी गांधी, विक्की नारंग, संतोष शुक्ला, सौरभ सक्सेना, सचिन मिश्रा, राजकुमार सारंग, महावीर जिंदल, केएल पारिख आदि रहे।