आईआईटी कानपुर में फैकल्टी फोरम का विरोध झेल रहे उपनिदेशक प्रो. मणिंद्र अग्रवाल का कद इंस्टीट्यूट प्रशासन ने काफी बढ़ा दिया है। खास बात है कि तमाम आरोपों के बाद भी बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) ने प्रो. मणिंद्र पर पूरा भरोसा किया है।
बोर्ड की स्वीकृति के बाद ही इंस्टीट्यूट प्रशासन ने प्रो. अग्रवाल की शक्तियों में वृद्घि की है और उन्हें कई कमेटियों का चेयरमैन भी बना दिया है। शनिवार को जारी आदेश में प्रो. अग्रवाल अब एक करोड़ रुपये तक बिल्डिंग वर्क के लिए धनराशि स्वीकृत कर सकते हैं।
अभी तक उनके पास महज 28 लाख रुपये तक की स्वीकृति देने का अधिकार था। इसके अलावा खरीददारी करने, कई बिल को स्वीकृत करने की शक्तियां भी प्रदान की गई हैं। अभी तक जो केवल बीओजी की स्वीकृति से ही होता था।