उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य
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उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जी-राम-जी योजना से विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित गांव का रोडमैप तैयार किया गया है। मनरेगा के दौरान स्कूलों में केवल बाउंड्री ही बनवा सकते थे, अब किचन शेड और लैबोरेट्री का भी निर्माण कराया जा सकेगा। इसमें बायोमेट्रिक, जीआईएस, मोबाइल एप और फेस रीडिंग जैसी डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। डिप्टी सीएम मंगलवार को सीएसए परिसर में जी राम जी योजना को लेकर पत्रकारों से बातचीत करने महानगर आए थे।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार में मनरेगा स्वयंसेवी संगठनों की कमाई का जरिया बन गया था, जबकि जी-राम-जी योजना के माध्यम से ऐसे भ्रष्टाचार को समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब इसमें कोई एनजीओ काम नहीं करेगा और ग्रामीणों को स्थायी रूप से गांव में रोजगार मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने मनरेगा के बाद बिजली विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार को भी पूरी तरह खत्म करने का आश्वासन दिया।
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि विकास पैरामीटर के अनुसार ग्राम पंचायतों का वर्गीकरण ए, बी और सी कैटेगरी में किया जाएगा, जिससे सभी गांवों को समान विकास के अवसर मिलेंगे। पीएम गति शक्ति और अन्य आईटी टूल्स के जरिये गांवों की बेहतर योजना बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गांव की गलियां ग्रामीणों का हाईवे हैं और इन्हें हाईवे जैसी गुणवत्ता का ही बनाया जाएगा। इसका जॉब कार्ड तीन साल के लिए बनेगा, जिससे देश की 70 प्रतिशत आबादी का भला होगा।
डिप्टी सीएम बोले, सपा को 2047 तक नहीं मिलेगा मौका
डिप्टी सीएम ने समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में एनडीए की प्रचंड जीत के बाद सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समेत अन्य नेताओं का मानसिक संतुलन हिल गया है। उन्होंने कहा कि 2027 में सरकार का सपना देखने वाली सपा को 2047 तक मौका नहीं मिलेगा। सपा के लोग सैफई में दिखाई पड़ सकते हैं लेकिन लखनऊ में नहीं।